Women Candidates And Their Proposers Were Surrounded Outside The Block Premises – ब्लॉक परिसर के बाहर ही घेर ली गईं महिला प्रत्याशी और उनकी प्रस्तावक

सार

सपा समर्थित प्रत्याशी का आरोप सांसद और पुलिस की मौजूदगी में फाड़े गए उनके कपड़े
 

सपा प्रत्याशी की प्रस्तावक से भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने की बदसलूकी।
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

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आरओ कक्ष में नामांकन पत्र फाड़ने का आरोप लगाया
सांसद रेखा वर्मा की मां उर्मिला और शिखा सिंह का हुआ नामांकन

पसगवां (लखीमपुर खीरी)। धौरहरा सांसद रेखा वर्मा और पुलिस की मौजूदगी में पसगंवा ब्लॉक प्रमुख पद पर नामांकन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सपा समर्थित प्रत्याशी रितु सिंह का आरोप है कि योजनाबद्ध तरीके से उन्हें नामांकन से रोकने का प्रयास किया गया। ब्लॉक परिसर के बाहर ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें और उनकी प्रस्तावक को घेरकर बदसलूकी की। उन दोनों के कपड़े तक फाड़े गए। आरओ कक्ष में उनका नामांकन पत्र फाड़ा गया। घटना के बाद डीएम ने मामले में संयुक्त जांच के आदेश दिए हैं।
पसगवां ब्लॉक में बृहस्पतिवार को तीन प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने पहुंचे। भाजपा सांसद रेखा वर्मा की करीबी व पार्टी की प्रत्याशी कु. शिखा सिंह और सांसद रेखा वर्मा की मां व निवर्तमान प्रमुख उर्मिला ने पर्चा दाखिल किया। जब सपा समर्थित प्रत्याशी रितु सिंह नामांकन कराने पहुंचीं तो गेट के बाहर ही खड़े लोगों ने रितु सिंह की प्रस्तावक अनीता देवी का हाथ पकड़कर उनसे बदसलूकी करते हुए उन्हें रोक लिया। इस बीच रितु सिंह के साथ में मौजूद सपा नेता क्रांति सिंह को कुछ लोग पकड़कर जबरन बाहर खींच ले गए, जबकि तमाम अन्य लोग ब्लॉक परिसर में दाखिल हो गए। सपा समर्थित प्रत्याशी रीतू सिंह को नामांकन कक्ष में जाने से रोकने के लिए उनसे मारपीट और छीना झपटी की गई।
मामले में एसपी को तहरीर देते हुए रितु सिंह पत्नी धर्मवीर सिंह ने कहा है कि वे सेमरा जानीपुर थाना पसगवां की रहने वाली हैं। बृहस्पतिवार को जब वह नामांकन कराने जा रही थीं तो भाजपा समर्थकों ने उन्हें और उनकी प्रस्तावक अनीता देवी को रोकते हुए उन दोनों की साड़ी खींची और दुर्व्यवहार किया। इस दौरान दोनों के कपड़े तक फट गए। रितु सिंह ने आरोप लगाया है कि उनका बैग भाजपा कार्यकर्ता बृज सिंह निवासी जेबी गंज व यश वर्मा निवासी मकसूदपुर ने छीन लिया, जिसमें 7500 रुपये और जेवर थे। छीना छपटी में उनके कान के झाले आरोपियों ने नोच लिए।
रितु सिंह का कहना है कि किसी तरह वह और प्रस्तावक वहां से बचकर नामांकन कक्ष में दाखिल हुईं और अपना पर्चा जमा किया। आरोप है कि आरओ से नामांकन पत्र छीनकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसे फाड़ दिया और उन्हें नामांकन नहीं करने दिया गया। बताया कि जब उनका हाल जानने एमएलसी शशांक यादव, डॉ. आरए उस्मानी और डॉ. जुबेर आदि मौके पर पहुंचे तो उन्हें बीच रास्ते में ही रोकर भाजपा कार्यकर्ता हिंसा पर आमादा हो गए और उन्हें रोक लिया। मौके पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी और भाजपा सांसद व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा तथा मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह मौजूद थे, लेकिन पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। उधर, इस घटना के संबंध में सांसद रेखा वर्मा से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन बंद मिला।

कैमरे में कैद हुआ नामांकन की फाइल लेकर भागा युवक

पसगवां। अराजकता के दौरान कड़ी सुरक्षा के बावजूद सत्तारूढ़ दल से जुड़ा एक युवक आरओ बुद्धप्रिय सिंह की मेज से नामांकन फाइल लेकर भाग गया। रितु सिंह का कहना है कि युवक ने आरओ से उनका नामांकन पत्र मांगा, जिस पर आरओ बुद्ध प्रिय सिंह ने युवक को उनका नामांकन पत्र दे दिया, जिसे उसने फाड़ दिया। उधर, एक युवक नामांकन कक्ष से फाइल ले जाते हुए कैमरे में कैद हुआ है, जबकि तहसीलदार विकासधर दुबे का दावा है कि फाइल युवक से ले ली गई है, उसमें अन्य प्रत्याशियों के भी अभिलेख थे। संवाद

मौके से एसडीएम और सीओ रहे नदारद

घटना के वक्त एसडीएम स्वाति शुक्ला और सीओ अभय प्रताप मल्ल दोनों नदारद रहे। मामले में जब क्षेत्र के दोनों अफसरों की प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई तो सरकारी नंबर बंद मिले। किसी तरह एसडीएम से संपर्क हुआ तो उन्होंने बताया कि वह मोहम्मदी ब्लॉक में नामांकन करवा रहीं थीं। सूचना के बाद वहां पहुंचकर हालात का जायजा लिया, जबकि सीओ मोहम्मदी का नंबर बंद जाता रहा। इसलिये उनसे प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। सवाल यह भी है कि इतनी वीआईपी सीट को आखिर किसके भरोसे छोड़ा गया, जो एक महिला प्रत्याशी के साथ अभद्रता हुई, जिसके विडियो साक्ष्य भी सामने आए हैं।

विस्तार

आरओ कक्ष में नामांकन पत्र फाड़ने का आरोप लगाया

सांसद रेखा वर्मा की मां उर्मिला और शिखा सिंह का हुआ नामांकन

पसगवां (लखीमपुर खीरी)। धौरहरा सांसद रेखा वर्मा और पुलिस की मौजूदगी में पसगंवा ब्लॉक प्रमुख पद पर नामांकन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सपा समर्थित प्रत्याशी रितु सिंह का आरोप है कि योजनाबद्ध तरीके से उन्हें नामांकन से रोकने का प्रयास किया गया। ब्लॉक परिसर के बाहर ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें और उनकी प्रस्तावक को घेरकर बदसलूकी की। उन दोनों के कपड़े तक फाड़े गए। आरओ कक्ष में उनका नामांकन पत्र फाड़ा गया। घटना के बाद डीएम ने मामले में संयुक्त जांच के आदेश दिए हैं।

पसगवां ब्लॉक में बृहस्पतिवार को तीन प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने पहुंचे। भाजपा सांसद रेखा वर्मा की करीबी व पार्टी की प्रत्याशी कु. शिखा सिंह और सांसद रेखा वर्मा की मां व निवर्तमान प्रमुख उर्मिला ने पर्चा दाखिल किया। जब सपा समर्थित प्रत्याशी रितु सिंह नामांकन कराने पहुंचीं तो गेट के बाहर ही खड़े लोगों ने रितु सिंह की प्रस्तावक अनीता देवी का हाथ पकड़कर उनसे बदसलूकी करते हुए उन्हें रोक लिया। इस बीच रितु सिंह के साथ में मौजूद सपा नेता क्रांति सिंह को कुछ लोग पकड़कर जबरन बाहर खींच ले गए, जबकि तमाम अन्य लोग ब्लॉक परिसर में दाखिल हो गए। सपा समर्थित प्रत्याशी रीतू सिंह को नामांकन कक्ष में जाने से रोकने के लिए उनसे मारपीट और छीना झपटी की गई।

मामले में एसपी को तहरीर देते हुए रितु सिंह पत्नी धर्मवीर सिंह ने कहा है कि वे सेमरा जानीपुर थाना पसगवां की रहने वाली हैं। बृहस्पतिवार को जब वह नामांकन कराने जा रही थीं तो भाजपा समर्थकों ने उन्हें और उनकी प्रस्तावक अनीता देवी को रोकते हुए उन दोनों की साड़ी खींची और दुर्व्यवहार किया। इस दौरान दोनों के कपड़े तक फट गए। रितु सिंह ने आरोप लगाया है कि उनका बैग भाजपा कार्यकर्ता बृज सिंह निवासी जेबी गंज व यश वर्मा निवासी मकसूदपुर ने छीन लिया, जिसमें 7500 रुपये और जेवर थे। छीना छपटी में उनके कान के झाले आरोपियों ने नोच लिए।

रितु सिंह का कहना है कि किसी तरह वह और प्रस्तावक वहां से बचकर नामांकन कक्ष में दाखिल हुईं और अपना पर्चा जमा किया। आरोप है कि आरओ से नामांकन पत्र छीनकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसे फाड़ दिया और उन्हें नामांकन नहीं करने दिया गया। बताया कि जब उनका हाल जानने एमएलसी शशांक यादव, डॉ. आरए उस्मानी और डॉ. जुबेर आदि मौके पर पहुंचे तो उन्हें बीच रास्ते में ही रोकर भाजपा कार्यकर्ता हिंसा पर आमादा हो गए और उन्हें रोक लिया। मौके पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी और भाजपा सांसद व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा तथा मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह मौजूद थे, लेकिन पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। उधर, इस घटना के संबंध में सांसद रेखा वर्मा से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन बंद मिला।

कैमरे में कैद हुआ नामांकन की फाइल लेकर भागा युवक

पसगवां। अराजकता के दौरान कड़ी सुरक्षा के बावजूद सत्तारूढ़ दल से जुड़ा एक युवक आरओ बुद्धप्रिय सिंह की मेज से नामांकन फाइल लेकर भाग गया। रितु सिंह का कहना है कि युवक ने आरओ से उनका नामांकन पत्र मांगा, जिस पर आरओ बुद्ध प्रिय सिंह ने युवक को उनका नामांकन पत्र दे दिया, जिसे उसने फाड़ दिया। उधर, एक युवक नामांकन कक्ष से फाइल ले जाते हुए कैमरे में कैद हुआ है, जबकि तहसीलदार विकासधर दुबे का दावा है कि फाइल युवक से ले ली गई है, उसमें अन्य प्रत्याशियों के भी अभिलेख थे। संवाद

घटना की संयुक्त जांच के आदेश दिए गए हैं। एडीएम और एएसपी को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी। – डॉ. अरविंद चौरसिया, डीएम

तहरीर के आधार पर नामजद अभियुक्त व वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। जल्द ही अभियुक्तों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जायेगा। – विजय ढुल, एसपी

मेरे पास सिर्फ दो नामांकन पत्र आए। पहला कु. शिखा सिंह और दूसरा उर्मिला कटियार का। इसके अलावा मेरे पास कोई पर्चा नहीं आया। दोनों नामांकन पत्र मेरे पास हैं। – बुद्ध प्रिय सिंह, एआरओ


मौके से एसडीएम और सीओ रहे नदारद

घटना के वक्त एसडीएम स्वाति शुक्ला और सीओ अभय प्रताप मल्ल दोनों नदारद रहे। मामले में जब क्षेत्र के दोनों अफसरों की प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई तो सरकारी नंबर बंद मिले। किसी तरह एसडीएम से संपर्क हुआ तो उन्होंने बताया कि वह मोहम्मदी ब्लॉक में नामांकन करवा रहीं थीं। सूचना के बाद वहां पहुंचकर हालात का जायजा लिया, जबकि सीओ मोहम्मदी का नंबर बंद जाता रहा। इसलिये उनसे प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। सवाल यह भी है कि इतनी वीआईपी सीट को आखिर किसके भरोसे छोड़ा गया, जो एक महिला प्रत्याशी के साथ अभद्रता हुई, जिसके विडियो साक्ष्य भी सामने आए हैं।

बीडीओ के कक्ष में एआरओ बैठे थे, उसी रूम में सांसद रेखा वर्मा और विधायक लोकेंद्र प्रताप बैठे थे और उसी कमरे में 50-60 कार्यकर्ता थे। जैसे ही रितु सिंह ने पर्चा दिया, पर्चा आरओ के हाथ में था। वहीं पर भाजपा कार्यकर्ता ने आरओ से छीनकर पर्चा फाड़ दिया। पुलिस और प्रशासन की सहमति से यह तांडव हुआ है। सारी पुलिस और अधिकारी मूकदर्शक बनी रही। हम कानूनी कार्रवाई करेंगे। – रामपाल यादव, जिलाध्यक्ष सपा

मामूली धक्का मुक्की हुई है और कुछ नहीं हुआ है। भाजपा नारी जाति का सम्मान करने वाली पार्टी है। सपा के मुंह से नैतिकता की बातें अच्छी नहीं लगतीं।- सुनील सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा

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