Up Block Pramukh Chunav 2021 Election: Result Of Mainpuri Blocks Bjp Won – यूपी ब्लॉक प्रमुख चुनाव: भाजपा के सामने दरक गया सपा का गढ़, मुलायम सिंह के गढ़ में नहीं ‘दौड़ी’ साइकिल, भगवा रंग गहराया

सार

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा को करारी शिकस्त मिली। पहली बार भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा किया। जिला पंचायत चुनाव के बाद भाजपा ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए मेहनत की। जिला पंचायत चुनाव की तरह ही सपा को ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी भितरघात का सामना करना पड़ा। हार के बाद सपा नेता एक बार फिर आत्मचिंतन करने में लग गए हैं। 

यूपी ब्लॉक प्रमुख चुनाव: मत देने आए मैनपुरी के बीडीसी सदस्य
– फोटो : अमर उजाला

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मुलायम की कर्मभूमि मैनपुरी में ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में इस बार साइकिल नहीं दौड़ी, यहां भगवा रंग गहराया है। सीधे तौर पर देखा जाए तो नौ ब्लॉकों में से छह में भाजपा, एक में सपा और दो में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। बात पांच साल पहले हुए चुनाव की करें तब जिले में साइकिल ने खूब रफ्तार पकड़ी थी। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में नौ ब्लॉकों में से सात ब्लॉकों में सपा का ही कब्जा था। 

सपा सरकार में हुए चुनाव में ब्लॉक बेवर, कुरावली, किशनी, करहल, बरनाहल, जागीर, घिरोर में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ब्लॉक प्रमुख चुने गए थे। मैनपुरी सदर और सुल्तानगंज ब्लॉक में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। बाद में जीते निर्दलीय ब्लॉक प्रमुख सपा में शामिल हो गए थे। उस समय भाजपा का एक भी प्रत्याशी नहीं जीत सका था।

2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में सपा के तीन ब्लॉक प्रमुखों को हार का सामना करना पड़ा। तीनों स्थानों पर अविश्वास प्रस्ताव के बाद भाजपा के ही ब्लॉक प्रमुख चुने गए। इस बार सपा अपने जीते हुए ब्लॉक भी नहीं बचा सकी। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में मिली हार के बाद सपाई खेमे में मायूसी छाई हुई है।  
 

अविश्वास प्रस्ताव में मिली हार
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो ब्लॉक घिरोर, जागीर और सुल्तानगंज के सपा के ब्लॉक प्रमुखों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। अविश्वास प्रस्ताव लाने वालों को भाजपा ने अपना समर्थन दिया। भाजपा के समर्थन से ब्लॉक घिरोर, जागीर और सुल्तानगंज में ब्लॉक प्रमुख भाजपा के चुन लिए गए। इसके बाद से ही ब्लॉक प्रमुख चुनाव की नए सिरे से तैयारी की गई। भाजपा ने नए चेहरों के माध्यम से चुनाव जीत लिया।

जिला पंचायत चुनाव से बदली पटकथा
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा को करारी शिकस्त मिली। पहली बार भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा किया। जिला पंचायत चुनाव के बाद भाजपा ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए मेहनत की। जिला पंचायत चुनाव की तरह ही सपा को ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी भितरघात का सामना करना पड़ा। हार के बाद सपा नेता एक बार फिर आत्मचिंतन करने में लग गए हैं। 

प्रदीप चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा का कहना है कि मैनपुरी की जनता विकास चाहती है, इसलिए यहां के लोगों ने सपा को नकार दिया है। अब जनता भाजपा के साथ खड़ी है। 

पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हो, या फिर ब्लॉक प्रमुख का। भाजपा ने इन्हें प्रशासन और पुलिस की दम पर लड़ा है। जनता सबकुछ देख रही है।
 

विस्तार

मुलायम की कर्मभूमि मैनपुरी में ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में इस बार साइकिल नहीं दौड़ी, यहां भगवा रंग गहराया है। सीधे तौर पर देखा जाए तो नौ ब्लॉकों में से छह में भाजपा, एक में सपा और दो में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। बात पांच साल पहले हुए चुनाव की करें तब जिले में साइकिल ने खूब रफ्तार पकड़ी थी। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में नौ ब्लॉकों में से सात ब्लॉकों में सपा का ही कब्जा था। 

सपा सरकार में हुए चुनाव में ब्लॉक बेवर, कुरावली, किशनी, करहल, बरनाहल, जागीर, घिरोर में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ब्लॉक प्रमुख चुने गए थे। मैनपुरी सदर और सुल्तानगंज ब्लॉक में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। बाद में जीते निर्दलीय ब्लॉक प्रमुख सपा में शामिल हो गए थे। उस समय भाजपा का एक भी प्रत्याशी नहीं जीत सका था।

2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में सपा के तीन ब्लॉक प्रमुखों को हार का सामना करना पड़ा। तीनों स्थानों पर अविश्वास प्रस्ताव के बाद भाजपा के ही ब्लॉक प्रमुख चुने गए। इस बार सपा अपने जीते हुए ब्लॉक भी नहीं बचा सकी। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में मिली हार के बाद सपाई खेमे में मायूसी छाई हुई है।  

 

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