Tighten Screws On Railway’s Apo, Cbi Probes Two Bank Accounts – रेलवे के एपीओ पर कसा शिकंजा, दो बैंक खातों की सीबीआई ने की जांच

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 05 Jul 2021 10:05 PM IST

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गबन के मामले में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय के कार्मिक विभाग में कार्यरत एपीओ (सहायक कार्मिक अधिकारी) लवकुश के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद सीबीआई ने तकरीबन एक करोड़ रुपये के ऑन लाइन ट्रांजेक्शन का ब्योरा जुटा लिया है। बताया जा रहा है रेलकर्मियों के वेतन की रकम कई बार खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की गई। सीबीआई की रिपोर्ट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई के खातों का नंबर तक का जिक्र है। जांच में यह भी मालूम पड़ा कि एपीओ और एक रेलकर्मी ने गड़बड़ी करते हुए सहायक लोको पॉयलट (एएलपी) नरेश सिंह के बैंक खाते के विवरण तक को बदल डाला। चर्चा है कि आरोपी एपीओ के साथ एक दो रेलकर्मियों की सीबीआई द्वारा किसी भी दिन गिरफ्तारी की जा सकती है। 

कार्मिक विभाग में कार्यरत एपीओ पर रेलकर्मियों को दिए जाने वाले वेतन में हेराफेरी करने का आरोप है। आरोप यह भी है कि सहायक कार्मिक अधिकारी ने एएलपी नरेश सिंह के नाम के दूसरे खातों का इस्तेमाल किया और बोगस बिल से उक्त खाते में भुगतान कराया। इस दौरान तकरीबन एक करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। सीबीआई की जांच में यह भी साफ हुआ है कि आईसीआईसीआई के बैंक के एक नए खाते का विवरण फाइल में दर्ज कर रुपये ट्रांसफर किए गए। कुछ अन्य खातों के बारे में भी सीबीआई को जानकारी मिली है।

फिलहाल सीबीआई द्वारा बैंकों से जुटाई गई जानकारी मिलने के बाद आरोपी एपीओ के खिलाफ आपराधिक धाराओं के साथ आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 66 सी के तहत केस दर्ज किया गया है। बता दें कि डीआरएम ऑफिस के कार्मिक विभाग से ही कर्मचारियों को वेतन दिए जाने का प्रावधान है। यहां लोको पॉयलटों के वेतन के लिए जुलाई  2019 में 1.45 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ, जबकि 45 लाख रुपये ही लोको पॉयलटों की सैलरी के लिए ट्रांजेक्शन होने चाहिए थे। ऐसे में एक करोड़ रुपये जालसाजी कर निकाले गए।

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गबन के मामले में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय के कार्मिक विभाग में कार्यरत एपीओ (सहायक कार्मिक अधिकारी) लवकुश के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद सीबीआई ने तकरीबन एक करोड़ रुपये के ऑन लाइन ट्रांजेक्शन का ब्योरा जुटा लिया है। बताया जा रहा है रेलकर्मियों के वेतन की रकम कई बार खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की गई। सीबीआई की रिपोर्ट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई के खातों का नंबर तक का जिक्र है। जांच में यह भी मालूम पड़ा कि एपीओ और एक रेलकर्मी ने गड़बड़ी करते हुए सहायक लोको पॉयलट (एएलपी) नरेश सिंह के बैंक खाते के विवरण तक को बदल डाला। चर्चा है कि आरोपी एपीओ के साथ एक दो रेलकर्मियों की सीबीआई द्वारा किसी भी दिन गिरफ्तारी की जा सकती है। 

कार्मिक विभाग में कार्यरत एपीओ पर रेलकर्मियों को दिए जाने वाले वेतन में हेराफेरी करने का आरोप है। आरोप यह भी है कि सहायक कार्मिक अधिकारी ने एएलपी नरेश सिंह के नाम के दूसरे खातों का इस्तेमाल किया और बोगस बिल से उक्त खाते में भुगतान कराया। इस दौरान तकरीबन एक करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। सीबीआई की जांच में यह भी साफ हुआ है कि आईसीआईसीआई के बैंक के एक नए खाते का विवरण फाइल में दर्ज कर रुपये ट्रांसफर किए गए। कुछ अन्य खातों के बारे में भी सीबीआई को जानकारी मिली है।

फिलहाल सीबीआई द्वारा बैंकों से जुटाई गई जानकारी मिलने के बाद आरोपी एपीओ के खिलाफ आपराधिक धाराओं के साथ आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 66 सी के तहत केस दर्ज किया गया है। बता दें कि डीआरएम ऑफिस के कार्मिक विभाग से ही कर्मचारियों को वेतन दिए जाने का प्रावधान है। यहां लोको पॉयलटों के वेतन के लिए जुलाई  2019 में 1.45 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ, जबकि 45 लाख रुपये ही लोको पॉयलटों की सैलरी के लिए ट्रांजेक्शन होने चाहिए थे। ऐसे में एक करोड़ रुपये जालसाजी कर निकाले गए।

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