There Is A Bloodbath In The Village, The Inspector Needs 50 Thousand Mobile – गांव में खूनखराबे की नौबत, इंस्पेक्टर को चाहिए 50 हजार का मोबाइल

इंस्पेक्टर की व्हाट्सएप पर भेजी फरमाइश का स्क्रीन शॉट।
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

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रूपपुर के ग्राम प्रधान ने एसएसपी से की शिकायत, इंस्पेक्टर की व्हाट्सएप पर की फरमाइश का स्क्रीनशॉट भी दिया
पूर्व प्रधान से चल रही है रंजिश, मारपीट भी हो चुकी है दोनों गुटों के बीच

सेंथल। पंचायत चुनाव के नतीजे आने के बाद रंजिश में कई हत्याओं के साथ जिले में भारी खूनखराबा होने के बाद भी पुलिस चुनावी विवादों को गंभीरता से नहीं ले रही है। भोजीपुरा के गांव रूपपुर के प्रधान नाजिम अली ने चुनावी रंजिश में अनहोनी की आशंका जताते हुए एसएसपी से शिकायत की है कि इंस्पेक्टर 50 हजार का मोबाइल फोन न देने के कारण उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इंस्पेक्टर की व्हाट्सएप पर भेजी फरमाइश का स्क्रीन शॉट भी दिया है। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ नवाबगंज दे दी है।
ग्राम पंचायत रूपपुर के प्रधान नाजिम अली और पूर्व प्रधान खुशबू अली के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही है। नाजिम अली 2005 से लगातार रूपपुर के प्रधान हैं। इस बार भी वह चुनाव जीत गए और खुशबू अली हार गए। आरोप है कि इससे बौखलाकर खुशबू अली और उनका परिवार प्रधान को जान से मारने की धमकी दे रहा है। इसी रंजिश में पांच मई को मजरा स्वालेपुर के यूसुफ अली को खुशबू अली के समर्थकों ने पीटा था, इसकी एनसीआर थाना भोजीपुरा में दर्ज की गई।
प्रधान का आरोप है कि पुलिस ने उनके मुकदमे में सही धाराएं नहीं लगाईं। उन्होंने कार्रवाई की मांग की तो इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने मोबाइल फोन की मांग रख दी। उन्होंने आठ-दस हजार की चोट मानकर हामी भी भर दी मगर जब इंस्पेक्टर ने मोबाइल का मॉडल व्हाट्सएप पर भेजा तो पता चला कि उसकी कीमत 50 हजार रुपये से भी ज्यादा है। उन्होंने इतना महंगा मोबाइल दे पाने में तो असमर्थता जताई तो इंस्पेक्टर नाराज होकर देख लेने की धमकी देने लगे। नाजिम अली ने भाजपा नेता विशाल गंगवार के साथ मिलकर एसएसपी से शिकायत की है। कहा है, कार्रवाई न हुई तो गांव में कभी भी खूनखराबा हो सकता है।

सरकारी खर्च पर मांगा गनर

प्रधान का आरोप है कि भोजीपुरा पुलिस की शह पर आरोपी पक्ष उन्हें लगातार धमकी दे रहा है। आरोपियों का थाने में उठना-बैठना है और उनके साथ कभी भी कोई घटना हो सकती है। इसी आधार पर उन्होंने एसएसपी से सरकारी खर्च पर गनर उपलब्ध कराने की भी मांग की है।

जिले में नवनिर्वाचित प्रधान समेत तीन की हो चुकी है हत्या

चुनावी रंजिश में जिले में तीन हत्याएं हो चुकी हैं। कैंट के गांव परगवां में नवनिर्वाचित प्रधान मोहम्मद इशहाक की हत्या कर दी गई थी। उससे पहले भोजीपुरा के गांव बिबियापुर में पूर्व प्रधान नरेंद्र की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। उनके परिवार के कई लोग भी इस हमले में घायल हुए थे। इसके अलावा भुता के गांव भड़रिया में चुनावी रंजिश में ही बीडीसी सदस्य के पति छत्रपाल की भाभी मीना देवी की लाठी-डंडों से हमला करके हत्या कर दी गई थी।

हर मीटिंग में पढ़ाया पाठ फिर भी याद नहीं

पंचायत चुनाव के दौरान एडीजी अविनाश चंद्र से लेकर सभी पुलिस अधिकारियों ने थाना प्रभारियों को चुनाव से संबंधित छोटे-छोटे विवाद भी गंभीरता से लेकर कार्रवाई की हिदायत दी थी। चुनाव संपन्न होने के बाद अधिकारियों ने विवादों की आशंका को देखते हुए इसे और ज्यादा गंभीरता से लेने को कहा था। मगर भोजीपुरा इंस्पेक्टर इस सबक को भूल गए और चुनावी विवाद में गंभीरता से कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित पक्ष पर ही दबाव बनाकर मोबाइल लेने का प्रयास करने लगे।

इंस्पेक्टर बोले.. झूठा है आरोप

भोजीपुरा इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह का कहना है कि आरोप बिल्कुल झूठा है। मैंने कोई भी मोबाइल की मांग नहीं की है। दोनों पक्षों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस पर तो आरोप लगते ही रहते हैं। जांच में सारा सच सामने आ जाएगा।

रूपपुर के ग्राम प्रधान ने एसएसपी से की शिकायत, इंस्पेक्टर की व्हाट्सएप पर की फरमाइश का स्क्रीनशॉट भी दिया

पूर्व प्रधान से चल रही है रंजिश, मारपीट भी हो चुकी है दोनों गुटों के बीच

सेंथल। पंचायत चुनाव के नतीजे आने के बाद रंजिश में कई हत्याओं के साथ जिले में भारी खूनखराबा होने के बाद भी पुलिस चुनावी विवादों को गंभीरता से नहीं ले रही है। भोजीपुरा के गांव रूपपुर के प्रधान नाजिम अली ने चुनावी रंजिश में अनहोनी की आशंका जताते हुए एसएसपी से शिकायत की है कि इंस्पेक्टर 50 हजार का मोबाइल फोन न देने के कारण उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इंस्पेक्टर की व्हाट्सएप पर भेजी फरमाइश का स्क्रीन शॉट भी दिया है। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ नवाबगंज दे दी है।

ग्राम पंचायत रूपपुर के प्रधान नाजिम अली और पूर्व प्रधान खुशबू अली के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही है। नाजिम अली 2005 से लगातार रूपपुर के प्रधान हैं। इस बार भी वह चुनाव जीत गए और खुशबू अली हार गए। आरोप है कि इससे बौखलाकर खुशबू अली और उनका परिवार प्रधान को जान से मारने की धमकी दे रहा है। इसी रंजिश में पांच मई को मजरा स्वालेपुर के यूसुफ अली को खुशबू अली के समर्थकों ने पीटा था, इसकी एनसीआर थाना भोजीपुरा में दर्ज की गई।

प्रधान का आरोप है कि पुलिस ने उनके मुकदमे में सही धाराएं नहीं लगाईं। उन्होंने कार्रवाई की मांग की तो इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने मोबाइल फोन की मांग रख दी। उन्होंने आठ-दस हजार की चोट मानकर हामी भी भर दी मगर जब इंस्पेक्टर ने मोबाइल का मॉडल व्हाट्सएप पर भेजा तो पता चला कि उसकी कीमत 50 हजार रुपये से भी ज्यादा है। उन्होंने इतना महंगा मोबाइल दे पाने में तो असमर्थता जताई तो इंस्पेक्टर नाराज होकर देख लेने की धमकी देने लगे। नाजिम अली ने भाजपा नेता विशाल गंगवार के साथ मिलकर एसएसपी से शिकायत की है। कहा है, कार्रवाई न हुई तो गांव में कभी भी खूनखराबा हो सकता है।

सरकारी खर्च पर मांगा गनर

प्रधान का आरोप है कि भोजीपुरा पुलिस की शह पर आरोपी पक्ष उन्हें लगातार धमकी दे रहा है। आरोपियों का थाने में उठना-बैठना है और उनके साथ कभी भी कोई घटना हो सकती है। इसी आधार पर उन्होंने एसएसपी से सरकारी खर्च पर गनर उपलब्ध कराने की भी मांग की है।

जिले में नवनिर्वाचित प्रधान समेत तीन की हो चुकी है हत्या

चुनावी रंजिश में जिले में तीन हत्याएं हो चुकी हैं। कैंट के गांव परगवां में नवनिर्वाचित प्रधान मोहम्मद इशहाक की हत्या कर दी गई थी। उससे पहले भोजीपुरा के गांव बिबियापुर में पूर्व प्रधान नरेंद्र की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। उनके परिवार के कई लोग भी इस हमले में घायल हुए थे। इसके अलावा भुता के गांव भड़रिया में चुनावी रंजिश में ही बीडीसी सदस्य के पति छत्रपाल की भाभी मीना देवी की लाठी-डंडों से हमला करके हत्या कर दी गई थी।

हर मीटिंग में पढ़ाया पाठ फिर भी याद नहीं

पंचायत चुनाव के दौरान एडीजी अविनाश चंद्र से लेकर सभी पुलिस अधिकारियों ने थाना प्रभारियों को चुनाव से संबंधित छोटे-छोटे विवाद भी गंभीरता से लेकर कार्रवाई की हिदायत दी थी। चुनाव संपन्न होने के बाद अधिकारियों ने विवादों की आशंका को देखते हुए इसे और ज्यादा गंभीरता से लेने को कहा था। मगर भोजीपुरा इंस्पेक्टर इस सबक को भूल गए और चुनावी विवाद में गंभीरता से कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित पक्ष पर ही दबाव बनाकर मोबाइल लेने का प्रयास करने लगे।

इंस्पेक्टर बोले.. झूठा है आरोप

भोजीपुरा इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह का कहना है कि आरोप बिल्कुल झूठा है। मैंने कोई भी मोबाइल की मांग नहीं की है। दोनों पक्षों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस पर तो आरोप लगते ही रहते हैं। जांच में सारा सच सामने आ जाएगा।

प्रधान की शिकायत मिली है। सीओ नवाबगंज से मामले की जांच कराई जाएगी और उनकी रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर पर कार्रवाई होगी। – रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

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