Screws: Two More Arrested Of Gang Who Blow Luxury Vehicles – शिकंजा: लक्जरी गाड़ियां उड़ाने वाले गैंग के दो और गिरफ्तार 

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 07 Jul 2021 12:26 AM IST

क्राइम ब्रांच और कैंट पुलिस के हत्थे चढे़ बादमाशों की जानकारी देते वरिष्ठ अधिकारी।
– फोटो : prayagraj

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एसओजी, नारकोटिक्स और कैंट पुलिस ने संयुक्त प्रयास में लक्जरी गाड़ियां चुराने वाले गैंग के दो और सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक कार बरामद की गई है। कुछ दिन पहले पुलिस उनके पांच साथियों को गिरफ्तार कर डेढ़ करोड़ से अधिक की गाड़ियां बरामद कर चुकी थी। 

एसओजी और नारकोटिक्स टीम ने मंगलवार को एक सूचना के आधार पर बेली पानी की टंकी के पास से हरीश उर्फ कालू चौहान निवासी साहिबाबाद गाजियाबाद और जयप्रकाश पांडेय उर्फ छोटू निवासी बर्रा कानपुर को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास चोरी की कार बरामद की गई। हरीश और जय प्रकाश पर 25-25 हजार का इनाम घोषित था। पिछले 29 जून को उनके पांच साथी आदित्य सिंह, रंजीत, आरिफ, शहंशाह और शिव कैंट से पकड़े गए थे। पुलिस ने उनके पास से पांच लक्जरी गाड़ियां बरामद की थीं, जिसकी कीमत डेढ़ करोड़ के लगभग थी। 

एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा ने बताया कि गिरोह के लोगों ने अंतरराज्यीय गिरोह बनाया था। वे इंश्योरेंस कंपनियों के ऐसे लोगों के संपर्क में रहते थे जो टोटल लॉस गाड़ियों (एक्सीडेंटल) का काम देखते थे। गाड़ियां चुराकर वे एक्सीडेंटल गाड़ियों का इंजन नंबर और चेचिस नंबर चोरी की गई गाड़ियों पर उकेर देते थे और डेंट पेंट कराके मंहगे दामों में गाड़ियों को बेच देते थे। गिरोह ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि उत्तराखंड, दिल्ली, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, आसाम, यूपी, एमपी हरियाणा, महाराष्ट्र, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ राज्यों से भी गाड़ियां चुराई हैं। 

गाड़ी चोरी का हाईटेक तरीका 

प्रयागराज। टेप से कार का शीशा काटकर चोर इलेक्ट्रानिक डिवाइस से लॉक और सेंसर डीएक्टीवेट कर देते थे। डिवाइस की नई कोडिंग कर गाड़ी को मास्टर की से स्टार्ट कर चोरी कर लेते थे। 

विस्तार

एसओजी, नारकोटिक्स और कैंट पुलिस ने संयुक्त प्रयास में लक्जरी गाड़ियां चुराने वाले गैंग के दो और सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक कार बरामद की गई है। कुछ दिन पहले पुलिस उनके पांच साथियों को गिरफ्तार कर डेढ़ करोड़ से अधिक की गाड़ियां बरामद कर चुकी थी। 

एसओजी और नारकोटिक्स टीम ने मंगलवार को एक सूचना के आधार पर बेली पानी की टंकी के पास से हरीश उर्फ कालू चौहान निवासी साहिबाबाद गाजियाबाद और जयप्रकाश पांडेय उर्फ छोटू निवासी बर्रा कानपुर को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास चोरी की कार बरामद की गई। हरीश और जय प्रकाश पर 25-25 हजार का इनाम घोषित था। पिछले 29 जून को उनके पांच साथी आदित्य सिंह, रंजीत, आरिफ, शहंशाह और शिव कैंट से पकड़े गए थे। पुलिस ने उनके पास से पांच लक्जरी गाड़ियां बरामद की थीं, जिसकी कीमत डेढ़ करोड़ के लगभग थी। 

एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा ने बताया कि गिरोह के लोगों ने अंतरराज्यीय गिरोह बनाया था। वे इंश्योरेंस कंपनियों के ऐसे लोगों के संपर्क में रहते थे जो टोटल लॉस गाड़ियों (एक्सीडेंटल) का काम देखते थे। गाड़ियां चुराकर वे एक्सीडेंटल गाड़ियों का इंजन नंबर और चेचिस नंबर चोरी की गई गाड़ियों पर उकेर देते थे और डेंट पेंट कराके मंहगे दामों में गाड़ियों को बेच देते थे। गिरोह ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि उत्तराखंड, दिल्ली, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, आसाम, यूपी, एमपी हरियाणा, महाराष्ट्र, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ राज्यों से भी गाड़ियां चुराई हैं। 


गाड़ी चोरी का हाईटेक तरीका 

प्रयागराज। टेप से कार का शीशा काटकर चोर इलेक्ट्रानिक डिवाइस से लॉक और सेंसर डीएक्टीवेट कर देते थे। डिवाइस की नई कोडिंग कर गाड़ी को मास्टर की से स्टार्ट कर चोरी कर लेते थे। 

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