Rita And Vinod Sonkar Lost Their Hopes Due To Lack Of Place In Modi Cabinet – मोदी कैबिनेट में जगह न मिलने से रीता और विनोद सोनकर की धरी रह गई उम्मीदें

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 07 Jul 2021 10:46 PM IST

रीता बहुगुणा जोशी
– फोटो : अमर उजाला

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मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार में प्रयागराज की सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी और कौशांबी सांसद विनोद सोनकर को शामिल किए जाने की अटकलों पर बुधवार की शाम विराम लग गया। दोनों ही सांसद के साथ उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि पीएम मोदी के कैबिनेट में उन्हें जगह मिलेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस वजह से दोनों ही सांसदों  के समर्थक बेहद निराश हैं। 

दरअसल पिछले माह ही गृहमंत्री अमित शाह के बुलावे पर सांसद रीता बहुगुणा जोशी को दिल्ली बुलाया गया था। इस दौरान सांसद की वहां संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी डा. कृष्ण गोपाल समेत तमाम वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों से मुलाकात हुई। इस मुलाकात को पीएम मोदी के कैबिनेट से जोड़ कर देखे जाने लगा। अगले वर्ष  यूपी चुनाव के मद्देनजर ब्राह्मण वोटरों को रिझाने के लिए इस बात की खासी चर्चा रही कि डा. रीता जोशी को मोदी सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। इसी तरह सांसद विनोद सोनकर के लिए भी सोशल मीडिया में बीते तीन-चार दिन से खबरें आने लगी कि उन्हें मोदी सरकार में मंत्री बनाया जा रहा है।

फिलहाल इन सभी अटकलों पर बुधवार की शाम विराम लग गया। इस बीच मुंबई गई सांसद रीता जोशी बुधवार को प्रयागराज वापस आ गईं। वहीं दूसरी ओर मोदी मंत्रिमंडल के सभी नवनियुक्त मंत्रियों को सांसद केशरी देवी पटेल ने बधाई दी। उन्होंने पीएम की कैबिनेट में सात महिला मंत्रियों को स्थान देने का स्वागत किया।  कहा कि भारत में शक्ति की पूजा सदैव होती रही है।  आज उसका प्रत्यक्ष उदाहरण देखने को मिल रहा है। उनके  मीडिया प्रभारी पवन श्रीवास्तव ने बताया कि सभी नवनियुक्त मंत्रियों से सांसद ने  दूरभाष पर वार्ता कर उनको बधाई दी। अपने आवास पर उपस्थित लोगों का भी उन्होंने  मुंह  मीठा करवाया।

विस्तार

मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार में प्रयागराज की सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी और कौशांबी सांसद विनोद सोनकर को शामिल किए जाने की अटकलों पर बुधवार की शाम विराम लग गया। दोनों ही सांसद के साथ उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि पीएम मोदी के कैबिनेट में उन्हें जगह मिलेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस वजह से दोनों ही सांसदों  के समर्थक बेहद निराश हैं। 

दरअसल पिछले माह ही गृहमंत्री अमित शाह के बुलावे पर सांसद रीता बहुगुणा जोशी को दिल्ली बुलाया गया था। इस दौरान सांसद की वहां संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी डा. कृष्ण गोपाल समेत तमाम वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों से मुलाकात हुई। इस मुलाकात को पीएम मोदी के कैबिनेट से जोड़ कर देखे जाने लगा। अगले वर्ष  यूपी चुनाव के मद्देनजर ब्राह्मण वोटरों को रिझाने के लिए इस बात की खासी चर्चा रही कि डा. रीता जोशी को मोदी सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। इसी तरह सांसद विनोद सोनकर के लिए भी सोशल मीडिया में बीते तीन-चार दिन से खबरें आने लगी कि उन्हें मोदी सरकार में मंत्री बनाया जा रहा है।

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