Mission Raftaar: 418 Trains Speed Up To 130 Kmph – मिशन रफ्तार:  418 ट्रेनों की स्पीड हो गई 130 किमी प्रतिघंटा

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उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) जोन ने रेलवे बोर्ड के मिशन रफ्तार को ‘रफ्तार’ देनी शुरू कर दी है। कोरोना काल में रेलवे ने अपने  इंफ्रास्ट्रचर को सुधारते हुए जोन में चल रही 418 ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 110  से बढ़ाकर अब 130 किलोमीटर प्रतिघंटा कर दी है। अब सिर्फ 224 ट्रेन ही ऐसी रह गई हैं जिनकी स्पीड 110 किमी प्रतिघंटा तक ही है। रेलवे का दावा है कि अगले कुछ माह के दौरान जोन में चलने वाली तकरीबन सभी ट्रेनों की स्पीड 130 किमी तक कर दी जाएगी।

दरअसल रेलवे बोर्ड के प्रोजेक्ट मिशन रफ्तार के तहत ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने पर लगातार काम चल रहा है। कोरोना काल में रेलवे की आधारभूत संरचना सुधारने के बाद जोन के महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ा दी गई है। अधिकांश ट्रेनों की स्पीड बीते दो माह के दौरान ही बढ़ी है। कोरोना काल के पहले एनसीआर जोन में सिर्फ 774 ट्रेनों में से 132 ट्रेनों की ही अधिकतम स्पीड 130 किमी प्रतिघंटा थी। शेष बची 642 में से फिलहाल 418 ट्रेनों की स्पीड भी एनसीआर जोन में 130 किमी प्रतिघंटा हो गई है।

सोमवार को एनसीआर मुख्यालय में जीएम वीके त्रिपाठी ने इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही की उपलब्धियों का ब्योरा पेश करने के दौरान बताया कि जोन की 65 फीसदी ट्रेनों की स्पीड बढ़ गई है। कहा कि कोविड की वजह से पिछले वर्ष एकाएक रेल संचालन रोकना पड़ा था, लेकिन अब धीरे-धीरे 86 फीसदी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें बहाल हो गई हैं। रेलवे का विद्युतीकरण पर भी जोर है। अभी हाल ही में डीजल इंजन से चलने वाली नौ ट्रेनों में इलेक्ट्रिक इंजन लगाया गया है। 

पहली तिमाही में  93.12 फीसदी ट्रेनें रही समय पर
जीएम एनसीआर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में ट्रेनों की समय पालनता में खासा सुधार हुआ है। सात जून 2020 को पूरे जोन में ट्रेनों की समय पालनता शत प्रतिशत रही। पहली तिमाही में समय पालनता का 93.12 फीसदी रहा, इस अवधि में पिछले वर्ष ट्रेनों की समय पालनता 87.85 फीसदी रही। 

रेल विद्युतीकरण के कार्य में आई तेजी 
एनसीआर जोन में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए रेल विद्युतीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है। इस वित्तीय वर्ष में  517 रूट किलोमीटर (आरकेएम) और 917 ट्रैक किलोमीटर (टीकेएम) मार्ग के विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अगले वित्तीय वर्ष के अंत तक जोन में  लगभग 8700 टीकेएम विद्युतीकरण का काम हो जाएगा। 

माल लोडिंग में भी एनसीआर रहा आगे
जीएम एनसीआर ने बताया कि इस बार  किसी भी वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में अब तक की सबसे अच्छी माल लोडिंग  जोन द्वारा हासिल की गई  है। कहा कि अप्रैल-जून 2021-22 के दौरान पिछले वर्ष की इसी अवधि में 3.24 मीट्रिक टन की तुलना में प्रारंभिक लोडिंग में 33.3 फीसदी की वृद्धि रही। इस दौरान लोडिंग  4.32 मीट्रिक टन रही है। पिछले वर्ष में 352.33 करोड़ रुपये की तुलना में एनसीआर के खाते में  437.57 करोड़ रुपये आए। 

प्रयाग, रामबाग के एनसीआर में विलय का बोर्ड लेगा निर्णय
प्रयागराज रामबाग, प्रयाग जंक्शन और प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन का विलय एनसीआर में कब होगा, इस सवाल के जवाब में जीएम ने बताया कि यह निर्णय रेलवे बोर्ड को लेना है। बोर्ड अगर कोई निर्णय लेता है तो उसका यहां पालन किया जाएगा। प्रयागराज जंक्शन की यार्ड रिमॉडलिंग पर उन्होंने कहा कि यह बड़ा प्रोजेक्ट है। इस पर काम शुरू होगा, लेकिन अभी तारीख तय नहीं है।

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उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) जोन ने रेलवे बोर्ड के मिशन रफ्तार को ‘रफ्तार’ देनी शुरू कर दी है। कोरोना काल में रेलवे ने अपने  इंफ्रास्ट्रचर को सुधारते हुए जोन में चल रही 418 ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 110  से बढ़ाकर अब 130 किलोमीटर प्रतिघंटा कर दी है। अब सिर्फ 224 ट्रेन ही ऐसी रह गई हैं जिनकी स्पीड 110 किमी प्रतिघंटा तक ही है। रेलवे का दावा है कि अगले कुछ माह के दौरान जोन में चलने वाली तकरीबन सभी ट्रेनों की स्पीड 130 किमी तक कर दी जाएगी।

दरअसल रेलवे बोर्ड के प्रोजेक्ट मिशन रफ्तार के तहत ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने पर लगातार काम चल रहा है। कोरोना काल में रेलवे की आधारभूत संरचना सुधारने के बाद जोन के महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ा दी गई है। अधिकांश ट्रेनों की स्पीड बीते दो माह के दौरान ही बढ़ी है। कोरोना काल के पहले एनसीआर जोन में सिर्फ 774 ट्रेनों में से 132 ट्रेनों की ही अधिकतम स्पीड 130 किमी प्रतिघंटा थी। शेष बची 642 में से फिलहाल 418 ट्रेनों की स्पीड भी एनसीआर जोन में 130 किमी प्रतिघंटा हो गई है।

सोमवार को एनसीआर मुख्यालय में जीएम वीके त्रिपाठी ने इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही की उपलब्धियों का ब्योरा पेश करने के दौरान बताया कि जोन की 65 फीसदी ट्रेनों की स्पीड बढ़ गई है। कहा कि कोविड की वजह से पिछले वर्ष एकाएक रेल संचालन रोकना पड़ा था, लेकिन अब धीरे-धीरे 86 फीसदी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें बहाल हो गई हैं। रेलवे का विद्युतीकरण पर भी जोर है। अभी हाल ही में डीजल इंजन से चलने वाली नौ ट्रेनों में इलेक्ट्रिक इंजन लगाया गया है। 

पहली तिमाही में  93.12 फीसदी ट्रेनें रही समय पर

जीएम एनसीआर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में ट्रेनों की समय पालनता में खासा सुधार हुआ है। सात जून 2020 को पूरे जोन में ट्रेनों की समय पालनता शत प्रतिशत रही। पहली तिमाही में समय पालनता का 93.12 फीसदी रहा, इस अवधि में पिछले वर्ष ट्रेनों की समय पालनता 87.85 फीसदी रही। 

रेल विद्युतीकरण के कार्य में आई तेजी 

एनसीआर जोन में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए रेल विद्युतीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है। इस वित्तीय वर्ष में  517 रूट किलोमीटर (आरकेएम) और 917 ट्रैक किलोमीटर (टीकेएम) मार्ग के विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अगले वित्तीय वर्ष के अंत तक जोन में  लगभग 8700 टीकेएम विद्युतीकरण का काम हो जाएगा। 

माल लोडिंग में भी एनसीआर रहा आगे

जीएम एनसीआर ने बताया कि इस बार  किसी भी वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में अब तक की सबसे अच्छी माल लोडिंग  जोन द्वारा हासिल की गई  है। कहा कि अप्रैल-जून 2021-22 के दौरान पिछले वर्ष की इसी अवधि में 3.24 मीट्रिक टन की तुलना में प्रारंभिक लोडिंग में 33.3 फीसदी की वृद्धि रही। इस दौरान लोडिंग  4.32 मीट्रिक टन रही है। पिछले वर्ष में 352.33 करोड़ रुपये की तुलना में एनसीआर के खाते में  437.57 करोड़ रुपये आए। 

प्रयाग, रामबाग के एनसीआर में विलय का बोर्ड लेगा निर्णय

प्रयागराज रामबाग, प्रयाग जंक्शन और प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन का विलय एनसीआर में कब होगा, इस सवाल के जवाब में जीएम ने बताया कि यह निर्णय रेलवे बोर्ड को लेना है। बोर्ड अगर कोई निर्णय लेता है तो उसका यहां पालन किया जाएगा। प्रयागराज जंक्शन की यार्ड रिमॉडलिंग पर उन्होंने कहा कि यह बड़ा प्रोजेक्ट है। इस पर काम शुरू होगा, लेकिन अभी तारीख तय नहीं है।

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