Kashi Annapurna Temple Mahant Rameshwarpuri Passed Away In Varanasi – दुखद: काशी अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वरपुरी का निधन, पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sat, 10 Jul 2021 10:37 PM IST

सार

काशी अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वरपुरी को शुक्रवार की रात लखनऊ के मेदांता अस्पताल में वाराणसी के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

काशी अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वरपुरी जी।
– फोटो : अमर उजाला

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वाराणसी के अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी (67) का शनिवार को निधन हो गया। जानकारी होते ही संत समाज, विद्वत जन और काशीवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मंदिर परिसर में रखा गया है। रविवार की सुबह उनको गंगा में समाधि दी जाएगी। मंदिर प्रांगण से ही उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी।

उपमहंत शंकर पुरी ने बताया कि महंत रामेश्वर पुरी पिछले 10 दिनों से लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे। उनकी हालत चिंताजनक थी। चिकित्सकों ने जब जवाब दे दिया तो शुक्रवार की रात उन्हें मेदांता से लाकर महमूरगंज स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार की दोपहर 3:30 बजे उन्होंने शरीर त्याग दिया।

महंत रामेश्वर पुरी हरिद्वार में कुंभ स्नान के पहले ही कोराना संक्रमित हो गए थे। वहां से नई दिल्ली में इलाज कराने के बाद लखनऊ आ गए थे। इसके बाद ठीक होकर वह अन्नपूर्णा मंदिर लौटे थे। इसी बीच 11 जून को दोबारा उनकी सेहत खराब होने की वजह से मेदांता लखनऊ में दोबारा भर्ती कराना पड़ा था। मेदांता में भर्ती रहने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और धर्मार्थ राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी ने फोन कर उनका हाल जाना था।

मंदिर प्रबंधक ने बताया कि 2004 में तत्कालीन महंत त्रिभुवन पुरी के निधन के बाद रामेश्वर पुरी को 17 अक्तूबर 2004 में महानिर्वाणी अखाड़े से संबद्ध श्री अन्नपूर्णा मठ मंदिर की महंती दी गई थी। उनके नेतृत्व में काशी अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र ट्रस्ट निरंतर समाज सेवा क्षेत्र में विस्तार कर रहा था। उनके महंत बनने के समय अन्नक्षेत्र के रूप में ट्रस्ट का सिर्फ एक प्रकल्प संचालित था। आज शिक्षा, चिकित्सा, स्वावलंबन, वृद्धजन सेवा समेत तमाम कार्य किए जा रहे हैं।

पीएम मोदी और मुख्यमंत्री ने जताया शोक
महंत के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि काशी अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वरपुरी जी के देहावसान से अत्यंत दुख हुआ है। उनका जाना समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने धर्म और अध्यात्म को समाज सेवा से जोड़कर लोगों को सामाजिक कार्यों के लिए निरंतर प्रेरित किया। ॐ शांति !

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करके महंत रामेश्वर पुरी को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। सीएम ने क हा है कि काशी अन्नपूर्णा मंदिर के महंत श्रद्धेय रामेश्वर पुरी जी का निधन दुखद है। उनका जाना अध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि उनको अपने श्री चरणों में स्थान व शोकाकुल अनुयायियों को दुख सहने की शक्ति दें।

महंत का सफरनामा-
– 7 जुलाई 1954 कानपुर के पास एक गांव में हुआ जन्म।
– 1991 में श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी से शिवाला घाट पर सन्यास लिया।
– 1991 से 1993 तक गुजरात रहे
– 1993 में वाराणसी अन्नपूर्णा मंदिर आए और वहीं रहे। 2004 में अन्नपूर्णा मंदिर महंत की गद्दी पर बैठे।
– महंत रामेश्वरपुरी जब महंत की गद्दी पर बैठे तो सिर्फ  एक अन्नक्षेत्र चल रहा था, आज 14 निशुल्क संस्थाएं महंत के प्रयास से चल रही हैं। 
– उमा भारती महंत को अपना गुरु भाई मानती थीं।
– सीएम ने अन्नपूर्णा मठ मंदिर की सेवाओं की तारीफ की थी।
– पीएम के काशी दौरे पर कनाडा में मिली मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को काशी लाने पर हुई थी चर्चा।
– मंदिर की ओर से हर साल 25 गरीब कन्याओं का विवाह व सौ बटुकों का उपनयन संस्कार होता है। 
– 2004 में अन्नक्षेत्र में मात्र 20 लोग आते थे वर्तमान में कोविड काल से पहले पांच से सात हजार लोग रोजाना प्रसाद ग्रहण करते हैं। 

विस्तार

वाराणसी के अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी (67) का शनिवार को निधन हो गया। जानकारी होते ही संत समाज, विद्वत जन और काशीवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मंदिर परिसर में रखा गया है। रविवार की सुबह उनको गंगा में समाधि दी जाएगी। मंदिर प्रांगण से ही उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी।

उपमहंत शंकर पुरी ने बताया कि महंत रामेश्वर पुरी पिछले 10 दिनों से लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे। उनकी हालत चिंताजनक थी। चिकित्सकों ने जब जवाब दे दिया तो शुक्रवार की रात उन्हें मेदांता से लाकर महमूरगंज स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार की दोपहर 3:30 बजे उन्होंने शरीर त्याग दिया।

महंत रामेश्वर पुरी हरिद्वार में कुंभ स्नान के पहले ही कोराना संक्रमित हो गए थे। वहां से नई दिल्ली में इलाज कराने के बाद लखनऊ आ गए थे। इसके बाद ठीक होकर वह अन्नपूर्णा मंदिर लौटे थे। इसी बीच 11 जून को दोबारा उनकी सेहत खराब होने की वजह से मेदांता लखनऊ में दोबारा भर्ती कराना पड़ा था। मेदांता में भर्ती रहने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और धर्मार्थ राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी ने फोन कर उनका हाल जाना था।

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