High Court: Police Should Take Immediate Action Against Those Who Cheat By Giving Loan, Reward – हाईकोर्ट: लोन, ईनाम का लालच देकर ठगी करने वालों पर तत्काल कार्रवाई करे पुलिस

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 06 Jul 2021 10:35 PM IST

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भोले-भाले लोगों को लोन, तरह-तरह के ईनाम जीतने, लकी ड्रा या टीवी शो अवार्ड आदि के नाम पर ठगने वालों को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि तरह-तरह के प्रलोभन देकर लोगों के जेब से पैसा निकालने वाले ठगों पर कार्रवाई के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। कोर्ट ने डीजीपी यूपी को निर्देश दिया है कि वह सभी जिला पुलिस प्रमुखों को सकुर्लर जारी निर्देशित करें कि वह ऐसे ठगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। ठगी के आरोपी कुलदीप की जमानत अर्जी खारिज करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने दिया है। 

अभियोजन के मुताबिक इस मामले के आरोपी सुनील कुमार ने खुद को एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए शिकायतकर्ता के पुत्र शुभम कुमार को खुद का बिजनेस करने के लिए दस लाख रुपये के लोन का प्रस्ताव दिया। इसके लिए उसे एक लाख रुपये जमा करने के लिए कहा गया। शुभम ने रकम जमा कर दी। इसके बाद आरोपी एक लाख रुपये लेकर फरार हो गया। इस सदमे में शुभम ने खुदकुशी कर ली। 

याची का कहना था कि उसने मृतक को नहीं ठगा था। उसे मुख्य आरोपी के साथ यात्रा करते पकड़े जाने के कारण इस मामले में फंसा दिया गया। सरकारी वकील का कहना था कि आरोपीगण का संगठित गिरोह है जो मासूम लोगों को उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर मनोवैज्ञानिक तरीके से अपने जाल में फंसाकर शिकार बनाते हैं। उनकी मेहनत की कमाई धोखाधड़ी करके ले लेते हैं। कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि इस प्रकार से संगठित गिरोह बनाकर लोगों को ठग रहे अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भोले-भाले लोगों को लोन, तरह-तरह के ईनाम जीतने, लकी ड्रा या टीवी शो अवार्ड आदि के नाम पर ठगने वालों को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि तरह-तरह के प्रलोभन देकर लोगों के जेब से पैसा निकालने वाले ठगों पर कार्रवाई के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। कोर्ट ने डीजीपी यूपी को निर्देश दिया है कि वह सभी जिला पुलिस प्रमुखों को सकुर्लर जारी निर्देशित करें कि वह ऐसे ठगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। ठगी के आरोपी कुलदीप की जमानत अर्जी खारिज करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने दिया है। 


अभियोजन के मुताबिक इस मामले के आरोपी सुनील कुमार ने खुद को एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए शिकायतकर्ता के पुत्र शुभम कुमार को खुद का बिजनेस करने के लिए दस लाख रुपये के लोन का प्रस्ताव दिया। इसके लिए उसे एक लाख रुपये जमा करने के लिए कहा गया। शुभम ने रकम जमा कर दी। इसके बाद आरोपी एक लाख रुपये लेकर फरार हो गया। इस सदमे में शुभम ने खुदकुशी कर ली। 


याची का कहना था कि उसने मृतक को नहीं ठगा था। उसे मुख्य आरोपी के साथ यात्रा करते पकड़े जाने के कारण इस मामले में फंसा दिया गया। सरकारी वकील का कहना था कि आरोपीगण का संगठित गिरोह है जो मासूम लोगों को उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर मनोवैज्ञानिक तरीके से अपने जाल में फंसाकर शिकार बनाते हैं। उनकी मेहनत की कमाई धोखाधड़ी करके ले लेते हैं। कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि इस प्रकार से संगठित गिरोह बनाकर लोगों को ठग रहे अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

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