उपयोगी लेख

व्यापारियों के लिए व्यापार की स्थिति की समीक्षा

व्यापारियों के लिए व्यापार की स्थिति की समीक्षा
कपड़ा उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कोरोना के बाद शादियों में अच्छे कारोबार की उम्मीद में अन्य राज्यों के व्यापारियों ने इस साल व्यापारियों को बड़े ऑर्डर दिए थे, लेकिन कई कारणों से साड़ी और ड्रेस दोनों सेगमेंट में खुदरा बाजार कमजोर रहा। ऐसे में सभी राज्यों से रोजाना करीब 3000 पार्सल लौट रहे हैं। दूसरे राज्यों के कुछ व्यापारी सूरत के व्यापारियों को बिना बताए माल वापस कर रहे हैं। हर दिन बड़ी संख्या में पार्सल लौटाए जाने से ट्रांसपोर्टरों के गोदाम भरे हुए हैं और अब नए पार्सल रखने के लिए जगह नहीं होने के कारण वे काफी संकट आ गया हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सूरत के ज्यादातर व्यापारी पार्सल लेने को भी तैयार नहीं हैं। इससे सूरत से जाने वाला पार्सल परिवहन में पड़े हैं।

व्यापारियों के लिए व्यापार की स्थिति की समीक्षा

भारत एक विकासशील देश है जो 2030 तक मध्यम आय वाला देश बनने का इच्छुक है। संपदा सृजन और जन कल्याण हमारे दो प्रमुख लक्ष्य हैं। कांग्रेस का आर्थिक दर्शन एक खुली और उदार अर्थव्यवस्था, धन का सृजन, सतत् विकास, असमानताओं में कमी तथा सभी लोगों के कल्याण पर आधारित है। इस तरह की वृद्धि निजी क्षेत्र कार्य कुशल सार्वजनिक क्षेत्र द्वारा सामाजिक सुरक्षा की प्रणाली को रेखांकित करके ही आयेगी।

हमारी अर्थव्यवस्था अभी भी अत्यधिक नियमों में जकड़ी हुई है, संरचनात्मक समस्यायें बरकरार हैं। सरकारी नियंत्रण और नौकरशाही का हस्तक्षेप बहुत अधिक है। नियमों ने नियंत्रक का रूप ले रखा है। आर्थिक नीतियों में न्यायालयों का हस्तक्षेप बढ़ रहा है। भाजपा सरकार ने सुधारों के पहिए को उल्टी दिशा में मोड़ दिया है। कांग्रेस इन विकृतियों में सुधार करने, उन्हें पूर्ववत् करने और एक खुली और उदार बाजार अर्थव्यवस्था बहाल करने का वादा करती है।

UP में अब पेट्रोल-डीजल व्यापारियों के लिए व्यापार की स्थिति की समीक्षा पर नहीं बढ़ेगा VAT, टैक्स चोरों के खिलाफ चलेगा अभियान, CM योगी ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी आवास पर मीटिंग की.

शिल्पी सेन/आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 29 जुलाई 2022,
  • (अपडेटेड 29 जुलाई 2022, 10:42 PM IST)
  • SGST चोरी के खिलाफ अभियान चलाएं
  • जोनवार टारगेट तय कर होगी साप्ताहिक समीक्षा

यूपी के मुख्यमंत्री योगाी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में बड़ा ऐलान किया है. सीएम ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर वैट नहीं बढ़ाया जाएगा. इससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. इसके साथ ही सीएम ने व्यापारियों के लिए व्यापार की स्थिति की समीक्षा एसजीएसटी की चोरी के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश दिए है.

सम्बंधित ख़बरें

पत्नी ने PM मोदी और CM योगी का किया समर्थन, पति ने दिया तीन तलाक
योगी सरकार का बड़ा फैसला, UP में हर परिवार का बनेगा फैमिली कार्ड
योगी सरकार ने 13 IAS- 20 PCS अफसरों का किया तबादला, वाराणसी के DM भी बदले गए
पार्थ की सहयोगी अर्पिता के एक और ठिकाने पर ED की रेड
एक क्लिक में पढ़ें 24 नवंबर, गुरुवार की अहम खबरें

सम्बंधित ख़बरें


सीएम ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रह के लिए जोनवार लक्ष्य की समीक्षा की. उन्होंने लक्ष्य प्राप्ति के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और अलग-अलग जोन के पोटेंशियल के अनुसार राजस्व संग्रह को बढ़ाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने ये बड़े दिशा-निर्देश दिए.

- वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रदेश का कुल राजस्व संग्रह ₹58,700 करोड़ था, जो वर्ष 2021-22 में बढ़कर लगभग ₹1 लाख करोड़ हो गया है. चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के लक्ष्य ₹31,786 करोड़ के सापेक्ष ₹32,386 करोड़ का संग्रह है. यह स्थिति संतोषजनक कही जा सकती है. यह व्यापारियों के लिए व्यापार की स्थिति की समीक्षा जनता से एकत्रित राशि है जो प्रदेश के विकास में और लोक कल्याणकारी कार्यों में व्यय होगा.
- व्यापारियों के लिए व्यापार की स्थिति की समीक्षा चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹1.50 लाख करोड़ के जीएसटी और वैट संग्रह लक्ष्य के अनुरूप राजस्व प्राप्ति के लिए कोशिश की जाए. हमने प्रदेश में वैट की दर में बढ़ोतरी अथवा अन्य कोई नया कर नहीं लगाया है. आज पेट्रोल/डीजल पर सबसे कम वैट की दर उत्तर प्रदेश में है. निकट भविष्य में भी वैट में कोई बढ़ोतरी नहीं होगा.
- शासन स्तर से फील्ड के अधिकारियों को साप्ताहिक टारगेट दिया जाए. इसकी साप्ताहिक समीक्षा की जाए. किस जोन में छापेमारी की कितनी कार्रवाई हुई, कितना राजस्व संग्रह व्यापारियों के लिए व्यापार की स्थिति की समीक्षा हुआ, सबकी रिपोर्ट तैयार की जाए. मैं स्वयं मासिक बैठक कर जोनवार समीक्षा करूंगा.
- वर्तमान में जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 26 लाख से अधिक हो गई है. आगामी 6 माह में इसे 30 लाख व्यापारियों के लिए व्यापार की स्थिति की समीक्षा तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर काम करें.
- व्यापारियों को जागरूक किया जाए और जीएसटी में पंजीकृत कराया जाए. व्यापारियों को जीएसटी पंजीयन/रिटर्न दाखिल करने के फायदों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए. छोटे कस्बों में गोष्ठियां आयोजित करें. गोरखपुर और बस्ती मंडल जैसे कई क्षेत्रों में अभी जागरूकता का अभाव है, इसके लिए फील्ड स्तर के अधिकारियों को विशेष प्रयास करना होगा.
- यह सुनिश्चित कराया जाए कि संविदाकार को भुगतान करते समय टीडीएस की कटौती करके जमा किये जाने वाले विवरण जीएसटीआर-7 और जीएसटीआर-3बी के अंतर के आधार पर टैक्स जमा जमा हो.
- राजस्व संग्रह में आगरा, बरेली, गोरखपुर, अयोध्या आदि जोन ने अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सराहनीय प्रयास किया है. इनके बेस्ट प्रैक्टिस को अन्य ज़ोन को भी अपनाना चाहिए.
- झांसी, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के अनेक बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं. यहां बहुत संभावनाएं हैं. कार्यशैली में सुधार कर कर चोरी पर प्रभावी लगाम लगाई जाए.
- एसजीएसटी की चोरी/अपवंचन की कोशिशों को रोकने के लिए सजगता बढ़ाये जाने की जरूरत है. राजस्व की चोरी राष्ट्रीय क्षति है. छापेमारी की कार्यवाही से पहले पुख्ता जानकारी इकठ्ठा करें. रेकी करें. पूरी तैयारी करें. इंटेलिजेंस को और व्यापारियों के लिए व्यापार की स्थिति की समीक्षा बेहतर करने की आवश्यकता है.
- देश और प्रदेश के विकास में व्यापारी, उद्यमी बंधुओं का बड़ा सहयोग है. प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी उद्यमी, व्यापारी का उत्पीड़न न हो.

आयातक और निर्यातक

मुख्य पृष्ठ

विदेशी व्यापार का महत्व आज के भूमंडलीकृत विश्व में पहले से कहीं अधिक है। पिछले दो दशकों में भारतीय अर्थव्यवस्था के खुलने के साथ, आयात और निर्यात में काफी तेजी आई है और विदेशी व्यापार करने वाले व्यक्तियों, कंपनियों तथा संगठनों को सरकार पर्याप्त नीतिगत ढांचा, सहायता और प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। सरकार व्यापार बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचा मुहैया कराने, विदेशी सरकारों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठनों को इसमें शामिल करने में अहम भूमिका निभा रही है, जिससे भारतीय व्यापारियों को व्यापार के लिए समान स्तर व अवसर मिल सकें।

आयात क्या होता है और आयातक कौन होता हैं ?

सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के अनुसार, इसके व्याकरण संबंधी भिन्नता और भाव के अनुसार, "आयात" का मतलब, भारत से बाहर किसी स्थान से भारत में लाना, है। "आयातित वस्तु" का मतलब कोई वस्तु या सामान जो भारत के बाहर किसी स्थान से भारत में लाना है, लेकिन इसमें वे वस्तुएं शामिल नहीं हैं जो घरेलू उपभोग के लिए स्वीकृत हैं। और "आयातक" का अर्थ (किसी वस्तु के आयात और उसके घरेलू उपभोग की स्वीकृति तक) उस वस्तु को ग्रहण या रखने वाले व्यक्ति से है।

सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के अनुसार, इसके व्याकरण संबंधी भिन्नता और भाव के अनुसार, "निर्यात" का मतलब - भारत से किसी दूसरे स्थान जो भारत से बाहर हो, तक ले जाना है व "निर्यात वस्तु" का मतलब किसी वस्तु को भारत से किसी दूसरे स्थान जो भारत से बाहर हो, तक ले जाना है। "निर्यातक" का मतलब ऐसे व्यक्ति से है जो उस वस्तु का उसके निर्यात शुरू होने और उसके निर्यातित हो जाने तक उसका मालिक हो या जो उसे रखता हो।

व्यापारियों की समस्याओं सहित स्वरोजगार का किया समीक्षा, दिया निर्देश

व्यापारियों की समस्याओं सहित स्वरोजगार का किया समीक्षा, दिया निर्देश

कचहरी स्थित रायफल क्लब सभागार में जिला उद्योग व व्यापार सहित स्वरोजगार को लेकर डीएम आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें व्यापारियो के समस्याओ के समाधान, औद्योगिक स्थान, नन्दगंज में भूखण्ड स्थानान्तरण पर चर्चा, निवेश मित्र पोर्टल, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री रोजगार/युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद, पीएम सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार, आजीविका मिशन, पीएम स्वनिधि योजना सहित अन्य बिंदुओं पर जानकारी लेते हुए दिशा निर्देशित किया।

निवेश मित्र के तहत अनुमातियॉ, अनापत्तियॉ, पंजीयन, लाइसेन्स आदि के सम्बन्ध में माह नवम्बर में निवेश मित्र वेबसाइट पर अपलोड़ की गयी है। इसमें निर्धारित समय में श्रम विभाग -1, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन-2, प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड में-5, अग्निशमन विभाग में 04, कृषि विभाग में-05 उ.प्र. पावर कार्पोरेशन मे-02, इन्फार्मेशन टेक्नोलाजी व्यापारियों के लिए व्यापार की स्थिति की समीक्षा में-11 , एमईएमई विभाग में-13, रजिस्टर्ड फर्म सोसाइटी एण्ड चिट्स-03, विद्युत सुरक्षा निदेशालय-02, बाट माप विभाग- 02, ग्राउण्ड वाटर विभाग-01 व निर्धारित समय -सीमा के बाद ग्राउण्ड बोर्ड आफ रेवन्यू में 01 में मिला है। डीएम ने सभी मामलों को निर्धारित समय में तत्काल निस्तारित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होने कहा कि कि उद्योग के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन में 96 लक्ष्य के सापेक्ष 116 स्वीकृत एवं 91 वितरित, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 99 लक्ष्य के सापेक्ष 55 स्वीकृत एवं 42 वितरित किए गये है। वहीं एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण सहायता योजना में 10 लक्ष्य के सापेक्ष 15 स्वीकृत 08 वितरित किया गया। इसी क्रम में खादी और ग्रामोद्योग आयोग के तहत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन में 40 लक्ष्य के सापेक्ष 38 स्वीकृत एवं 21 वितरित किया गया। जिला खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अन्तर्गत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन में 70 लक्ष्य के सापेक्ष 102 स्वीकृत एवं 74 वितरित, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत 11 लक्ष्य के सापेक्ष 11 स्वीकृत एवं 11 वितरित किया गया। जिला नगरीय विकास अभिकरण के तहत डे-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में 45 लक्ष्य के सापेक्ष 25 वितरित किया गया है। पीएम स्वानिधि योजना 4375 लक्ष्य के सापेक्ष 5162 स्वीकृत एवं 5055 वितरित एवं पीएम स्वनिधि योजना के तहत दूसरी किस्त 1583 लक्ष्य के सापेक्ष 777 स्वीकृत एवं 621 वितरित किया गया। व्यापारियों के लिए व्यापार की स्थिति की समीक्षा जिला आबकारी अधिकारी देवेन्द्र जैन ने उद्यमियों बताया कि आबकारी विभाग की ओर से पोर्टल पर यूज फुल पब्लिक सर्विसेज मे ओकेजन बार लाइसेंस, होम बार लाईसेंस, हास्पिटल संस्थान के लिए स्प्रिट के लिए परमिट केमिस्ट के लिए एनडीएलडी लाईसेंस आदि अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई गयी है। जिसके के लिए ऑनलाईन आवेदन किया जा सकता है। उन्होने बताया कि होटल व रेस्टोरेन्ट में बार के लिए आवेदन कर सकते है। उन्होने यह स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि यदि कोई होटल, रेस्टोरेंट बगैर उचित लाईसेंस के अपने परिसर में शराब पिलाते मिलेंगे तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सीडीओ श्रीप्रकाश गुप्ता, उपायुक्त उद्योग प्रवीण मौर्य सहित अन्य अधिकारी व उद्यमी मौजूद रहे।

सूरत: कपड़ा बाजार की स्थिति नाजुक, मंदी के कारण खरीदा हुआ माल वापस भेज रहे हैं व्यापारी

सूरत के कपड़ा बाजार में फिलहाल मंदी का माहौल देखा जा रहा है। ऐसे में मंदी के कारण व्यापारियों के पास रिटर्न आने माल की मात्रा बढ़ गई है। शादी को देखते हुए अन्य राज्यों के व्यापारियों ने बड़ी मात्रा में साड़ियां और सामग्री खरीदी, लेकिन खुदरा बाजार में खरीदारी कम होने के कारण अन्य राज्यों के व्यापारियों ने सामान वापस कर दिया। साथ ही बड़ी संख्या में पार्सल आने के साथ, अधिकांश परिवहन गोदाम भर गए हैं और परिणामस्वरूप ट्रांसपोर्टरों के पास अब नए पार्सल रखने के लिए जगह नहीं है। दूसरी ओर सूरत के व्यापारियों का माल लौट रहा है। माल लेने से इंकार करने पर और पुराने माल को वापस करने के चक्कर में ट्रांसपोर्टरों की हालत खराब हो गई है।

रेटिंग: 4.21
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 539
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *