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निर्देशित निवेश

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कनेक्टिविटी का केंद्र है मेरठ, अब औद्योगिक माहौल बनाए अधिकारी : सीएम योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को मेरठ मंडल के जिलों में बेहतर माहौल बनाकर औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए निर्देशित किया। साथ ही जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करने के लिए भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए।

मेरठ, जागरण संवाददाता। विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की कमिश्नरी सभागार में समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को मेरठ मंडल के जिलों में बेहतर माहौल बनाकर औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए निर्देशित किया। साथ ही जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करने के लिए भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए। आईटीएमएस चौराहों को सेफ सिटी से जोड़कर महिला सुरक्षा पर ध्यान देने, लंबी रोग से पशुओं को बचाने, विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाली शिकायतों के समय से निस्तारण और आमजन को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए भी मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से अधिकारियों को निर्देशित किया।

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कमिश्नरी सभागार में चली मैराथन समीक्षा बैठक

कमिश्नरी सभागार में चली मैराथन समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री का पूरा जोर आमजन के लिए चलाई जा रही सरकार की प्राथमिकता में शामिल योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर रहा। मुख्यमंत्री ने मुख्य रूप से अधिकारियों को सड़कों से अतिक्रमण हटाने और अवैध वसूली करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। अधिकारियों को अपने कार्यालय में बैठकर जन सुनवाई करने और समस्याओं के प्राथमिकता से निस्तारण करने के साथ जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया। समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों द्वारा रखी गई समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करें और उन्हें समय से अवगत भी कराएं। मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद हर जनप्रतिनिधि से अपने क्षेत्र को लेकर विकास कार्यों का प्रस्ताव भी मांगा। कई जनप्रतिनिधियों ने अपना प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने मंडल के सभी छह जनपदों के डीएम और एसएसपी से वर्चुअल माध्यम बात की और उनके द्वारा किए गए नवाचार का प्रस्तुतीकरण पांच मिनट में करने का समय भी दिया।

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नवाचार मॉडल की सीएम ने की प्रशंसा

मेरठ डीएम द्वारा नवाचार के कई मॉडल प्रस्तुत किए गए जिन की प्रशंसा मुख्यमंत्री ने बैठक में की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंडन नदी की पुरातन पहचान बनाने के लिए हर स्तर पर कार्य करना होगा, इसके लिए उन्होंने कमिश्नर सुरेंद्र सिंह से कार्ययोजना प्रस्तुत करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हिंडन को प्रदूषण मुक्त करना है, इसके लिए संबंधित जिलों को मिलकर प्रयास करना होगा। अधिकारी सुनिश्चित करें कि हिंडन में औद्योगिक कचरा किसी भी हाल में न गिराया जाए।

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एक जिला एक उत्पाद पर जोर

मुख्यमंत्री का पूरा जोर एक जिला एक उत्पाद के माध्यम से औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर रहा। उन्होंने मंडल के सभी जिलों के जिला अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मेरठ अब कनेक्टिविटी का केंद्र बन चुका है, ऐसे में अधिकारी अपने स्तर से रुचि लें और औद्योगिक निवेश के लिए माहौल बनाएं। समय समीक्षा बैठक करीब 3 घंटे 45 मिनट तक चली। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी बात को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। समीक्षा बैठक में कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के एसएसपी को विशेष रूप से सतर्कता बरतने और माहौल खराब करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए भी निर्देशित किया।

सहारा इंडिया के 1772 निवेशकों के लिए राहत भरी खबर: निर्देशित निवेश 2.31 करोड़ का चेक जारी, खाते में जमा होगी निवेश की रकम

पिछले चार वर्ष से जमा रकम की वापसी के लिए संघर्ष कर रहे सहारा इंडिया के निवेशकों को अब थोड़ी राहत मिलने जा रही है। प्रशासन ने 1772 निवेशकों को भुगतान के लिए दो करोड़ 30 लाख 83 हजार 658 रूपये का चेक जारी कर दिया है।

सहारा इंडिया के 1772 निवेशकों के लिए राहत भरी खबर: 2.31 करोड़ का चेक जारी, खाते में जमा होगी निवेश की रकम

राजनांदगांव। पिछले चार वर्ष से जमा रकम की वापसी के लिए संघर्ष कर रहे सहारा इंडिया के निवेशकों को अब थोड़ी राहत मिलने जा रही है। प्रशासन ने 1772 निवेशकों को भुगतान के लिए दो करोड़ 30 लाख 83 हजार 658 रूपये का चेक जारी कर दिया है। यह जमा राशि का 25 प्रतिशत है। बाकी रकम सहारा से और मिलने के बाद लाीैटाने की बात प्रशासन कह रहा है। इस बीच 4614 निवेशकों के आवेदन व जमा राशि का सत्यापन कराया जा रहा है। उसके बाद शेष पात्र निवेशकों को भुगतान किया जाएगा। जिले में अब तक चिटफंड कंपनियों के 23 हजार 999 निवेशकों को कुल 15 करोड़ 86 लाख रूपये का भुगतान कराया जा चुका है।

सहारा इंडिया कंपनी की सहायक कंपनियां सहारियान ई-मल्टीपरपस सोसायटी लिमिटेड, सहारा क्यूशाप यूनिक प्रोटक्ट रेंज लिमिटेड व सहारा क्रेडिट को-आपरेटिस सोसायटी के निवेशकों से प्राप्त आवेदनों का सत्यापन सहारा इंडिया कंपनी द्वारा कराया गया। इसी सत्यापित सूची के आधार पर प्रशासन के भुगतान की प्रक्रिया शुरू की। सोमवार को निवेशकों के बैंक खातों में राशि जमा करा दी जाएगी।

चिटफंड कंपनियों में निवेशकों की जमा राशि वापस दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में सहारा इंडिया के कुल 1772 निवेशकों के आवेदन का निर्देशित निवेश सत्यापन पूर्ण हो चुका है। निवेशकों की निवेश राशि का 25 प्रतिशत के भुगतान के लिए संबंधित तहसीलों को चेक जारी किया गया है। राजनांदगांव तहसील के 1042 निवेशकों को एक करोड़ 85 लाख 74 हजार 868 रूपये, छुरिया तहसील के 312 निवेशकों को 17 लाख 63 हजार 144 रूपये, डोंगरगढ़ तहसील निर्देशित निवेश के 383 निवेशकों को 25 लाख 67 हजार 134 तथा छुईखदान तहसील के 35 निवेशकों को एक लाख 78 हजार 513 रूपये का चेक संबंधित तहसीलदारों को जारी किया गया है। तहसीलदारों को निवेशकों की राशि का अंतरण सीधे उनके बैंक खाते में कराने के लिए निर्देशित किया गया है।

Road Safety: सड़क दुर्घटना में हर माह जा रही 27 राहगीरों की जान, बढ़ते सड़क दुर्घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

अपर कलेक्टर व नोडल अधिकारी सीएल मारकंडेय ने बताया कि सहारा इंडिया कंपनी के 4614 निवेशकों के आवेदन व जमा राशि का सत्यापन राजस्व विभाग व सहारा इंडिया कंपनी से कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद शीघ्र ही शेष निवेशकों को भी भुगतान किया जाएगा। कलेक्टर राजनांदगांव के खाते में सहारा इंडिया कंपनी द्वारा कुल सात करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। जिला प्रशासन राजनांदगांव द्वारा विभिन्न चिटफंड कंपनी जैसे याल्स्को रियल स्टेट लिमिटेड, शुभ सांई देवकान लिमिटेड, एवीएम रियल स्टेट एण्ड एलाईड लिमिटेड, अनमोल इंडिया लिमिटेड, सहारा इंडिया आदि के 23 हजार 999 निवेशकों को कुल 15 करोड़ 86 लाख रूपये का भुगतान किया जा चुका है।

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सहारा इंडिया के निवेशकों की पीड़ा को नईदुनिया शुरू से प्राथमिकता से प्रकाशित करता आ रहा है। समय-समय पर किए जा रहे आंदोलन व प्रशासनिक कार्रवाई को भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जा रहा है। भुगतान को लेकर भी नईदुनिया ने पाठकों को सबसे पहले ही बता दिया था। निवेशकों ता आंदोलन समाप्त होने के बाद 15 व 17 सितंबर को प्रकाशित खबर में भुगतान की स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी। उसके बाद से ही निवेशक खाते में राशि जमा होने का इंतजार कर रहे हैं। संभवत: सोमवार को उनके खातों में जमा राशि का 25 प्रतिशत जमा हो जाएगा।

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कलेक्टर डोमन निर्देशित निवेश सिंह ने कहा, कंपनी से सत्यापन के बाद दावा योग्य राशि का समानुपात में वितरण शुरू कर दिया गया है। पहली किस्त में 1772 निवेशकों के नाम दो करोड़ 30 लाख 83 हजार 658 रूपये का चेक जारी किया गया है। शेष का सत्यापन होने के बाद उन्हें भी उपलब्ध राशि में से भुगतान कर दिया जाएगा।

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पिछले चार वर्ष से जमा रकम की वापसी के लिए संघर्ष कर रहे सहारा इंडिया के निवेशकों को अब थोड़ी राहत मिलने जा रही है। प्रशासन ने 1772 निवेशकों को भुगतान के लिए दो करोड़ 30 लाख 83 हजार 658 रूपये का चेक जारी कर दिया है।

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राजनांदगांव। पिछले चार वर्ष से जमा रकम की वापसी के लिए संघर्ष कर रहे सहारा इंडिया के निवेशकों को अब थोड़ी राहत मिलने जा रही है। प्रशासन ने 1772 निवेशकों को भुगतान के लिए दो करोड़ 30 लाख 83 हजार 658 रूपये का चेक जारी कर दिया है। यह जमा राशि का 25 प्रतिशत है। बाकी रकम सहारा से और मिलने के बाद लाीैटाने की बात प्रशासन कह रहा है। इस बीच 4614 निवेशकों के आवेदन व जमा राशि का सत्यापन कराया जा रहा है। उसके बाद शेष पात्र निवेशकों को भुगतान किया जाएगा। जिले में अब तक चिटफंड कंपनियों के 23 हजार 999 निवेशकों को कुल 15 करोड़ 86 लाख रूपये का भुगतान कराया जा चुका है।

सहारा इंडिया कंपनी की सहायक कंपनियां सहारियान ई-मल्टीपरपस सोसायटी लिमिटेड, सहारा क्यूशाप यूनिक प्रोटक्ट रेंज लिमिटेड व सहारा क्रेडिट को-आपरेटिस सोसायटी के निवेशकों से प्राप्त आवेदनों का सत्यापन सहारा इंडिया कंपनी द्वारा कराया गया। इसी सत्यापित सूची के आधार पर प्रशासन के भुगतान की प्रक्रिया शुरू की। सोमवार को निवेशकों के बैंक खातों में राशि जमा करा दी जाएगी।

चिटफंड कंपनियों में निवेशकों की जमा राशि वापस दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में सहारा इंडिया के कुल 1772 निवेशकों के आवेदन का सत्यापन पूर्ण हो चुका है। निवेशकों की निवेश राशि का 25 प्रतिशत के निर्देशित निवेश भुगतान के लिए संबंधित तहसीलों को चेक जारी किया गया है। राजनांदगांव तहसील के 1042 निवेशकों को एक करोड़ 85 लाख 74 हजार 868 रूपये, छुरिया तहसील के 312 निवेशकों को 17 लाख 63 हजार 144 रूपये, डोंगरगढ़ तहसील के 383 निवेशकों को 25 लाख 67 हजार 134 तथा छुईखदान तहसील के 35 निवेशकों को एक लाख 78 हजार 513 रूपये का चेक संबंधित तहसीलदारों को जारी किया गया है। तहसीलदारों को निवेशकों की राशि का अंतरण सीधे उनके बैंक खाते में कराने के लिए निर्देशित किया गया है।

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कलेक्टर डोमन सिंह ने कहा, कंपनी से सत्यापन के बाद दावा योग्य राशि का समानुपात में वितरण शुरू कर दिया गया है। पहली किस्त में 1772 निवेशकों के नाम दो करोड़ 30 लाख 83 हजार 658 रूपये का चेक जारी किया गया है। शेष का सत्यापन होने के बाद उन्हें भी उपलब्ध राशि में से भुगतान कर दिया जाएगा।

22 से होंगा खंड स्तरीय कृषि निवेश मेला

फर्रुखाबाद, संवाददाता। निर्देशित निवेश कृषि विभाग की संचालित योजनाओं, कृषि निवेशों का तकनीकी जानकारी उपलब्ध.

22 से होंगा खंड स्तरीय कृषि निवेश मेला

कृषि विभाग की संचालित योजनाओं, कृषि निवेशों का तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के मकसद से प्रत्येक ब्लाक में विकास खंड स्तरीय रवी कृषि निवेश मेला आयोजित किया जायेगा। 22 नवंबर बढ़पुर से खंड स्तरीय मेले की शुरुआत की जायेगी। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि 23 नवंबर को राजेपुर, 24 नवंबर को कमालगंज, 25 को मोहम्मदाबाद, 26 को नवाबगंज, 28 को कायमगंज, 29 को शमसाबाद ब्लाक में कृषि निवेश मेला आयोजित होगा। मेले का समय सुबह 10.30 से शाम 4 बजे नियत किया गया है। 22 नवंबर को ही जनपद स्तरीय रवि गोष्ठी आफीसर्स क्लब में आयोजित की जाएगी। इसके लिए नोडल अधिकारी नामित किये गये हैं। उपकृषि निदेशक के अलावा जिला गन्ना अधिकारी, आलू शाक भाजी अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी ,भूमि संरक्षण अधिकारी, उप संभागीय कृषि प्रसाद अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

Ministry of Rural Development, Government of India

एनआरएलएम गरीबों को सस्ती लागत प्रभावी विश्वसनीय वित्तीय सेवाओं के लिए सार्वभौमिक पहुँच की सुविधा। इन वित्तीय सेवाओं पर वित्तीय साक्षरता, बैंक खाते, बचत, ऋण, बीमा, प्रेषण, पेंशन और परामर्श में शामिल हैं। एनआरएलएम वित्तीय समावेशन और निवेश की रणनीति की कोर बैंकिंग प्रणाली के “गरीब पसंदीदा ग्राहकों को बनाने और बैंक ऋण जुटाने है

गरीब के संस्थानों पूंजी में परिरात करना

एनआरएलएम उनके संस्थागत और वित्तीय प्रबंधन क्षमता को मजबूत बनाने और मुख्यधारा के बैंक वित्त आकर्षित करने के लिए उनके ट्रैक रिकॉर्ड के निर्माण के लिए, गरीबों की संस्थाओं को शाश्वत फंड और संसाधन के रूप में समुदाय निवेश फंड (सीआईएफ) परिक्रामी प्रदान करता है।

  • एनआरएलएम के सदस्यों को 'क्रेडिट पूरा करने के लिए कोष के रूप में Rs.10,000-15,000 के स्वयं सहायता समूहों को रिवाल्विंग फण्ड (आरएफ) प्रदान करता है दोहराने बैंक वित्त लाभ के लिए सीधे और के रूप में उत्प्रेरक पूंजी की जरूरत है। आरएफ अभ्यास 'Panchasutra' कर दिया गया है कि स्वयं सहायता समूहों को दिया जाता है (; नियमित बचत, नियमित रूप से अंतर-उधार लिया हुआ धन, समय पर भुगतान, नियमित रूप से बैठकों और खातों की अप-टू-डेट किताबें)।
  • एनआरएलएम एसएचजी / ग्राम संगठनों के माध्यम से सदस्यों की ऋण जरूरतों को पूरा करने और विभिन्न स्तरों पर सामूहिक गतिविधियों की कार्यशील पूंजी जरूरतों को पूरा करने के लिए क्लस्टर स्तर पर एसएचजी फेडरेशन को बीज पूंजी के रूप में समुदाय निवेश कोष प्रदान करता है।
  • स्वयं सहायता समूह फेडरेशन के लिए जोखिम न्यूनीकरण फंड (VRF) प्रदान करता है।

ऋण के लिए उपयोग

यही नहीं, स्वयं सहायता समूहों माइक्रो निवेश योजना के माध्यम से जाने के लिए अगले पांच years.For अधिक दोहराने खुराकों में हर घर के लिए सुलभ (- एनआरएलएम गरीब के संस्थानों में निवेश कम से कम 1,00,000 / के बैंक ऋण का लाभ उठाने होगा कि उम्मीद एमआईपी) समय-समय पर प्रक्रिया। एमआईपी घरेलू और एसएचजी स्तरों पर योजना और मूल्यांकन की एक भागीदारी की प्रक्रिया है। सदस्यों / स्वयं सहायता समूहों के लिए धन के प्रवाह एमआईपी के खिलाफ है। सभी पात्र स्वयं सहायता समूहों को मुख्यधारा वित्तीय संस्थाओं से प्रतिवर्ष 7% पर ऋण प्राप्त करने के लिए एनआरएलएम ब्याज दर में छूट प्रदान की है। इसके अलावा, अतिरिक्त 3% ब्याज दर में छूट केवल सबसे पिछड़े 250 जिलों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा शीघ्र भुगतान पर उपलब्ध है।

एसएचजी क्रेडिट लिंकेज

मिशन समुदाय संस्थानों को केवल उत्प्रेरक पूंजी सहायता प्रदान करता है, यह बैंकों के ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए ऋण की जरूरत के पूरे सरगम पूरा करने के लिए आवश्यक धन का बड़ा हिस्सा है कि उपलब्ध कराने की उम्मीद है। मिशन इसलिए एसएचजी बैंक ऋण की महत्वपूर्ण राशि का लाभ उठाने कि उम्मीद है।

  • मिशन की अवधि पांच साल से अधिक है, प्रत्येक एसएचजी रुपये का संचयी बैंक ऋण का लाभ उठाने में सक्षम होगा रखती है। 10,00,000 / - दोहराने खुराकों में, औसतन प्रत्येक सदस्य घरेलू रुपये का संचयी राशि निर्देशित निवेश ऐसे तक पहुँचता है। 100,000 / -
  • बैंक लिंकेज की सुविधा के लिए आदेश में, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति(एसएलबीसी) एसएचजी बैंक लिंकेज और एनआरएलएम गतिविधियों में वित्तीय समावेशन के लिए विशेष उप समितियों का गठन होगा। इसी प्रकार, जिला स्तरीय समन्वय समितियों तथा प्रखंड स्तर समन्वय समितियों एसएचजी-बैंक लिंकेज निर्देशित निवेश और एनआरएलएम की समीक्षा करेंगे।
  • मिशन इकाइयों को भी इस तरह के बैंक मित्रा / सखी, के रूप में क्षेत्र स्तर ग्राहक संबंध प्रबंधकों की सेवाओं का उपयोग करने की उम्मीद कर रहे हैं।
  • इसके अलावा, उम्मीद कर रहे हैं गरीब के संस्थानों (बैंक लिंकेज और ऋणों की वसूली पर उप-समितियां) समुदाय आधारित वसूली तंत्र का गठन करने के लिए निर्देशित किया जाएगा।

एनआरएलएम सीधे या विभिन्न संस्थागत तंत्र और प्रौद्योगिकी का उपयोग कर मुख्यधारा वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी में गरीबों की संस्थाओं के माध्यम से बचत, ऋण, बीमा (जीवन, स्वास्थ्य और संपत्ति) और प्रेषण के उत्पादों के पोर्टफोलियो बढ़ाने की दिशा में काम करता है।

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