Cbse: Passed The Children By Giving Five Marks In The 12th Class – सीबीएसई :12वीं में पांच अंक का ग्रेस देकर बच्चों को पास किया

सीबीएसई परीक्षा
– फोटो : अमर उजाला

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों को बारहवीं के अंक वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए लिंक ओपेन कर दिया है। लिंक खोले जाने के साथ ही एक जुलाई से अंक अपलोड करने का काम शुरू हो गया है। सीबीएसई द्वारा मिले दिशा निर्देेश के आधार पर स्कूलों ने छात्र-छात्राओं के अंक तय कर लिए हैं, बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को पांच अंक तक का ग्रेस देकर पास किया गया है। 

स्कूल रिजल्ट कमेटी की मानें तो 12 वीं में बहुत ही कम मार्जिन से फेल होने वालों की संख्या अधिक थी, ऐसे में स्कूलों ने अपने स्तर पर मॉडरेशन पॉलिसी के तहत ग्रेस अंक देकर छात्रों को पास किया है। यही नहीं 11 वीं में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी फेल हुए, उन्हें भी ग्रेस अंक देकर पास किया गया। परीक्षकों की मानें तो अधिकांश स्कूलों मे आठ से दस छात्र 11वीं में फेल थे, लेकिन 2020 के कोरोना संक्रमण के कारण उन्हें अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया था। अब इन छात्रों को ग्रेस अंक दिए गए हैं।

बोर्ड को देनी होगी ग्रेस अंक की जानकारी
सीबीएसई ने स्कूलों से रिजल्ट तैयार करने का पूरा ब्योरा मांगा है। हर स्कूल की ओर से बच्चों को दिए गए अंक के साथ, उन्हें कितने ग्रेस अंक दिए गए, इस बारे में जानकारी देने को कहा गया है। इस बार परिणाम तैयार करने के बाद स्कूलों को अंकों का मॉडरेशन करना होगा। अभी तक परिणाम जारी करने से पहले बोर्ड की ओर से गठित मॉडरेशन कमेटी राष्ट्रीय स्तर पर अंकों का मॉडरेशन करके कुछ अंकों का ग्रेस देकर बच्चों को पास कर देती थी। ऐसा तब होता था जब राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा होती थी। इस बार स्कूल स्तर पर परिणाम तैयार किया जा रहा है, ऐसे में बोर्ड ने स्कूलों को मॉडरेशन करने की सुविधा दी है। परिणाम तैयार करते समय मॉडरेशन में उन छात्रों को ग्रेेस अंक दिए जाते थे, जो कम अंक से फेल होने वाले होते हैं। मॉडरेशन में छात्रों को किसी कठिन प्रश्न अथवा गलत प्रश्नों के लिए भी ग्रेस अंक देेने का नियम है।

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों को बारहवीं के अंक वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए लिंक ओपेन कर दिया है। लिंक खोले जाने के साथ ही एक जुलाई से अंक अपलोड करने का काम शुरू हो गया है। सीबीएसई द्वारा मिले दिशा निर्देेश के आधार पर स्कूलों ने छात्र-छात्राओं के अंक तय कर लिए हैं, बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को पांच अंक तक का ग्रेस देकर पास किया गया है। 

स्कूल रिजल्ट कमेटी की मानें तो 12 वीं में बहुत ही कम मार्जिन से फेल होने वालों की संख्या अधिक थी, ऐसे में स्कूलों ने अपने स्तर पर मॉडरेशन पॉलिसी के तहत ग्रेस अंक देकर छात्रों को पास किया है। यही नहीं 11 वीं में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी फेल हुए, उन्हें भी ग्रेस अंक देकर पास किया गया। परीक्षकों की मानें तो अधिकांश स्कूलों मे आठ से दस छात्र 11वीं में फेल थे, लेकिन 2020 के कोरोना संक्रमण के कारण उन्हें अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया था। अब इन छात्रों को ग्रेस अंक दिए गए हैं।

बोर्ड को देनी होगी ग्रेस अंक की जानकारी

सीबीएसई ने स्कूलों से रिजल्ट तैयार करने का पूरा ब्योरा मांगा है। हर स्कूल की ओर से बच्चों को दिए गए अंक के साथ, उन्हें कितने ग्रेस अंक दिए गए, इस बारे में जानकारी देने को कहा गया है। इस बार परिणाम तैयार करने के बाद स्कूलों को अंकों का मॉडरेशन करना होगा। अभी तक परिणाम जारी करने से पहले बोर्ड की ओर से गठित मॉडरेशन कमेटी राष्ट्रीय स्तर पर अंकों का मॉडरेशन करके कुछ अंकों का ग्रेस देकर बच्चों को पास कर देती थी। ऐसा तब होता था जब राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा होती थी। इस बार स्कूल स्तर पर परिणाम तैयार किया जा रहा है, ऐसे में बोर्ड ने स्कूलों को मॉडरेशन करने की सुविधा दी है। परिणाम तैयार करते समय मॉडरेशन में उन छात्रों को ग्रेेस अंक दिए जाते थे, जो कम अंक से फेल होने वाले होते हैं। मॉडरेशन में छात्रों को किसी कठिन प्रश्न अथवा गलत प्रश्नों के लिए भी ग्रेस अंक देेने का नियम है।

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