Approved Bail Of Nepalese Citizen Accused Of Making Fake Passport – फर्जी पासपोर्ट बनवाने के आरोपी नेपाली नागरिक की जमानत मंजूर

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अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 04 Jul 2021 12:44 AM IST

भारतीय पासपोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : Social media

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद की कंपनी में नौकरी कर रहे नेपाली नागरिक की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। इसके खिलाफ कपट, धोखाधड़ी और भारतीय पासपोर्ट बनवाने के आरोप में मोदी नगर थाने में केस दर्ज है। कोर्ट ने कहा कि दो लाख रुपये का बंधपत्र व प्रतिभूति लेकर रिहा किया जाए।

यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने मेसर्स केएन मोदी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गाजियाबाद के कर्मचारी मेघराज शर्मा की जमानत अर्जी पर दिया है।
याची का कहना था कि वह 20 वर्षों से गाजियाबाद में परिवार के साथ रह रहा है। कानून की अज्ञानता से गलती हो गई। ऐसे केस में पांच साल जेल व दस से पचास हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

बच्चे भारत में पैदा हुए हैं। वह केस के विचारण में सहयोग करेगा। अगर जेल में बंद रहा तो उसका परिवार परेशान होगा। और उसे नौकरी नहीं मिलेगी। सरकारी वकील ने कहा कि वह आदतन अपराधी है। इससे पहले भी दो बार अर्जी दे चुका है। कोर्ट ने याची को गाजियाबाद न छोड़ने व हर माह की पहली तिथि को कोर्ट में पेश होने तथा विचारण में सहयोग देने का निर्देश दिया है। संवाद

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद की कंपनी में नौकरी कर रहे नेपाली नागरिक की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। इसके खिलाफ कपट, धोखाधड़ी और भारतीय पासपोर्ट बनवाने के आरोप में मोदी नगर थाने में केस दर्ज है। कोर्ट ने कहा कि दो लाख रुपये का बंधपत्र व प्रतिभूति लेकर रिहा किया जाए।

यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने मेसर्स केएन मोदी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गाजियाबाद के कर्मचारी मेघराज शर्मा की जमानत अर्जी पर दिया है।

याची का कहना था कि वह 20 वर्षों से गाजियाबाद में परिवार के साथ रह रहा है। कानून की अज्ञानता से गलती हो गई। ऐसे केस में पांच साल जेल व दस से पचास हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

बच्चे भारत में पैदा हुए हैं। वह केस के विचारण में सहयोग करेगा। अगर जेल में बंद रहा तो उसका परिवार परेशान होगा। और उसे नौकरी नहीं मिलेगी। सरकारी वकील ने कहा कि वह आदतन अपराधी है। इससे पहले भी दो बार अर्जी दे चुका है। कोर्ट ने याची को गाजियाबाद न छोड़ने व हर माह की पहली तिथि को कोर्ट में पेश होने तथा विचारण में सहयोग देने का निर्देश दिया है। संवाद

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