‘account Now… Or Else I Will Stop The Rc’ – ‘हिसाब अभी कर लो… वरना आरसी रोक दूंगी’

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एआरटीओ दफ्तर में काम के बदले महिला कर्मी और बाबू के रुपये लेने का वीडियो वायरल

बरेली। एआरटीओ दफ्तर का एक बार फि र वीडियो वायरल हुआ है। इसमें महिला कर्मी काम के बदले पैसे मांग रही है। वीडियो में महिला कह रही है कि हिसाब अभी करो, वरना आरसी रोक दूंगी। उसके साथ एक बाबू भी रुपये गिनता दिख रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद अब आरोपी कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

ऑनलाइन आवेदन और फीस.. सबसे बड़ी चुनौती

बरेली। आरटीओ ऑफिस में कार्यरत बाबुओं का वीडियो भले ही मंगलवार को वायरल हुआ हो लेकिन वहां की व्यवस्थाओं पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। आम जनता की धारणा ही यह है कि आरटीओ ऑफिस में दलाल के बिना कोई भी काम संभव नहीं है। काम के लिए सीधे जाने का मतलब है, चक्कर काटते रह जाना।
आरटीओ कार्यालय के बाहर जमे सैकड़ों दलालों की रोजी-रोटी ही उनकी सेटिंग के जरिये चलती है। जब से ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य व्यवस्थाएं ऑनलाइन की गई हैं, इन दलालों की कमाई और बढ़ गई है। ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी ट्रांसफर या कोई भी ऑनलाइन फार्म भरने और उसकी फीस जमा करने के बदले ये लोगों से मोटी वसूली करते हैं। कहा जाता है कि इसका हिस्सा अंदर तक पहुंचाना होता है। अगर कोई व्यक्ति इनकी मदद के बिना काम कराने अंदर पहुंच भी जाता है तो वह चक्कर ही काटता रह जाता है।

दस रुपये में प्रिंट आउट और तीन रुपये में फोटोस्टेट

आरटीओ ऑफिस के बाहर जमे दलाल हर काम में वहां आने वाले लोगों से मोटी कमाई करते हैं। अगर कोई व्यक्ति अपने दस्तावेज घर में भूल आया है और उसे ई-मेल या व्हाट्सएप से प्रिंटआउट लेना है तो प्रति पेज दस रुपये देने पड़ते हैं। वहीं फोटोस्टेट के लिए तीन रुपये से लेकर पांच रुपये तक वसूले जाते हैं।

जितनी फीस, उसी हिसाब से दलाली

सबसे ज्यादा वसूली ऑनलाइन फॉर्म भरवाने के नाम पर होती है। गांव देहात से आने वाले लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती है। जब वे लोग आरटीओ ऑफिस पहुंचते हैं और ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी ट्रांसफर कराने की बात कहते हैं तो अंदर से ऑनलाइन आवेदन कराने और ऑनलाइन फीस जमा कराने की बात कही जाती है। इसके बाद उन्हें मजबूरन इन दलालों के पास जाना पड़ता है और फिर फीस के हिसाब से ही दलाली भी ली जाती है। ऑनलाइन फार्म भरवाने के लिए भी सौ से दो सौ रुपये तक वसूल लिए जाते हैं। कई बार तो बाहर बैठा दलाल फार्म भरने के साथ ही पूरा ठेका ले लेता है।

नोटरी की व्यवस्था भी बाहर ही मौजूद

आरसी ट्रांसफर कराने के लिए नोटरी की भी जरूरत पड़ती है। इसके लिए आरटीओ ऑफिस के बाहर ही लोग बैठे हुए हैं। यहां दस रुपये के स्टांप पर नोटरी बनाकर देने के लिए भी कम से कम सौ रुपये लिए जाते हैं। कई बार यह कीमत इससे ज्यादा भी हो जाती है।

एआरटीओ दफ्तर में काम के बदले महिला कर्मी और बाबू के रुपये लेने का वीडियो वायरल

बरेली। एआरटीओ दफ्तर का एक बार फि र वीडियो वायरल हुआ है। इसमें महिला कर्मी काम के बदले पैसे मांग रही है। वीडियो में महिला कह रही है कि हिसाब अभी करो, वरना आरसी रोक दूंगी। उसके साथ एक बाबू भी रुपये गिनता दिख रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद अब आरोपी कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

मामला शुक्रवार का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में परिवहन विभाग की महिला कर्मचारी और ड्राइविंग लाइसेंस का काम देखने वाले बाबू सीट पर बैठ कर रुपये लेते दिख रहे हैं। वायरल वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि दोनों ही कर्मचारी काम के बदले रिश्वत ले रहे हैं। दरअसल वायरल वीडियो में महिला कर्मी कह रही है कि हिसाब पूरा करो वरना आरसी रोक दूंगी। लेनदेन गाड़ी ट्रांसफर के नाम पर किया जा रहा है, जिसमें महिला कर्मी पचास रुपये कम देने पर बहस कर रही है। बचे पैसे न देने पर वाहन की आरसी रोकने की धमकी दे रही हैं। रुपये के लेनदेन का वीडियो वायरल होने के बाद मंगलवार को पूरे दिन कार्यालय में हड़कंप मचा रहा। मंगलवार को परिवहन विभाग अधिकारियों के व्हाट्सएप पर भी वीडियो भेजी गई। इस मामले में जांच शुरू कर आरोपित बाबुओं पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। ‘ वायरल वीडियो संज्ञान में आया है।  मले की जांच कराई जा रही है। आरोपी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ – आरपी सिंह, एआरटीओ प्रशासन

ऑनलाइन आवेदन और फीस.. सबसे बड़ी चुनौती

बरेली। आरटीओ ऑफिस में कार्यरत बाबुओं का वीडियो भले ही मंगलवार को वायरल हुआ हो लेकिन वहां की व्यवस्थाओं पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। आम जनता की धारणा ही यह है कि आरटीओ ऑफिस में दलाल के बिना कोई भी काम संभव नहीं है। काम के लिए सीधे जाने का मतलब है, चक्कर काटते रह जाना।

आरटीओ कार्यालय के बाहर जमे सैकड़ों दलालों की रोजी-रोटी ही उनकी सेटिंग के जरिये चलती है। जब से ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य व्यवस्थाएं ऑनलाइन की गई हैं, इन दलालों की कमाई और बढ़ गई है। ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी ट्रांसफर या कोई भी ऑनलाइन फार्म भरने और उसकी फीस जमा करने के बदले ये लोगों से मोटी वसूली करते हैं। कहा जाता है कि इसका हिस्सा अंदर तक पहुंचाना होता है। अगर कोई व्यक्ति इनकी मदद के बिना काम कराने अंदर पहुंच भी जाता है तो वह चक्कर ही काटता रह जाता है।

दस रुपये में प्रिंट आउट और तीन रुपये में फोटोस्टेट

आरटीओ ऑफिस के बाहर जमे दलाल हर काम में वहां आने वाले लोगों से मोटी कमाई करते हैं। अगर कोई व्यक्ति अपने दस्तावेज घर में भूल आया है और उसे ई-मेल या व्हाट्सएप से प्रिंटआउट लेना है तो प्रति पेज दस रुपये देने पड़ते हैं। वहीं फोटोस्टेट के लिए तीन रुपये से लेकर पांच रुपये तक वसूले जाते हैं।

जितनी फीस, उसी हिसाब से दलाली

सबसे ज्यादा वसूली ऑनलाइन फॉर्म भरवाने के नाम पर होती है। गांव देहात से आने वाले लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती है। जब वे लोग आरटीओ ऑफिस पहुंचते हैं और ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी ट्रांसफर कराने की बात कहते हैं तो अंदर से ऑनलाइन आवेदन कराने और ऑनलाइन फीस जमा कराने की बात कही जाती है। इसके बाद उन्हें मजबूरन इन दलालों के पास जाना पड़ता है और फिर फीस के हिसाब से ही दलाली भी ली जाती है। ऑनलाइन फार्म भरवाने के लिए भी सौ से दो सौ रुपये तक वसूल लिए जाते हैं। कई बार तो बाहर बैठा दलाल फार्म भरने के साथ ही पूरा ठेका ले लेता है।

नोटरी की व्यवस्था भी बाहर ही मौजूद

आरसी ट्रांसफर कराने के लिए नोटरी की भी जरूरत पड़ती है। इसके लिए आरटीओ ऑफिस के बाहर ही लोग बैठे हुए हैं। यहां दस रुपये के स्टांप पर नोटरी बनाकर देने के लिए भी कम से कम सौ रुपये लिए जाते हैं। कई बार यह कीमत इससे ज्यादा भी हो जाती है।

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