सरकार से समक्ष रखेंगे सौराठ सभा के विकास का प्रस्ताव : मंत्री

मधुबनी: राज्य के पीएचईडी मंत्री रामप्रीत पासवान ने कहा कि सौराठ सभा का पंजी कंप्यूटराइजेशन होना चाहिए। सौराठ सभा के विकास का प्रस्ताव सरकार से समक्ष रखेंगे। इसके विकास के लिए संबंधित विभाग को भी कहा जाएगा। सरकार को सौराठ सभा को राजकीय महोत्सव संबंधी प्रस्ताव आया होगा तो निश्चित रूप से इस पर पहल की जाएगी। करीब सात सौ वर्ष सौराठ का इतिहास रहा है। सौराठ सभा का देश स्तर पर गरिमामय इतिहास रहा है। सौराठ सभा के विकास के लिए मिथिला के सभी समाज को मिलकर आगे आने की जरूरत है। पंजी कंप्यूटराइजेशन के लिए अटल भारत फाउंडेशन द्वारा किए जा रहा प्रयास सराहनीय है।

मंत्री श्री पासवान ने कहा कि सौराठ सभा के विकास और यहां की पंजी अभिलेखों को संरक्षित रखने में सफलता मिलेगी। यह धरोहर विश्व समुदाय के लिए शोध का केंद्र बन सकता है। नीतीश सरकार मिथिला की धरोहर, कला व संस्कृति के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मिथिला पेंटिग को विश्व स्तर पर एक नया आयाम दिलाने तथा इसके कलाकारों को रोजगार से जोड़ने के दिशा में सौराठ स्थित मिथिला चित्रकला प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की गई है।

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सौराठ के विकास को सीएम से मिला आश्वासन : विधान पार्षद

विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने बताया कि सौराठ सभा के पंजी कंप्यूटराइजेशन के लिए बजट सत्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ध्यान आकृष्ट किया था। मुख्यमंत्री द्वारा सभा के विकास आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी से सौराठ सभा संबंधी प्रतिवेदन की मांग की गई थी। मिथिलाक्षर में पंजी कंप्यूटराइजेशन के लिए बेवसाइट डेवलप करना होगा।श्री मिश्रा ने बताया कि प्राचीन प्रथा चली आ रही सौराठ सभा के पंजी अभिलेखों का संरक्षण नहीं होने से इस पर प्रश्न चिन्ह लग सकता है। भारत और बिहार सरकार को मिलकर पंजी कंप्यूटराइजेशन सहित सभा परिसर के विकास की योजना लागू करना चाहिए।

श्री मिश्रा ने बताया कि सौराठ सभा के विकास को एक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है। सौराठ सभा का वैज्ञानिक मान्यता भी रही हैं। मिथिला में प्रचीनकाल से ही वैवाहिक संबंधों के समुचित समाधान के लिए विवाह योग्य वर-वधू की एक वार्षिक सभा शुभ मुहुर्त के दिनों में लगाई जाती रही है। सौराठ सभा संबंधों की समाजिक शुचिता बनाए रखने को स्वीकृति देना है। इस परंपरा का सकारात्मक नतीजा यह है कि विवाह हमेशा से मजबूत स्थिति में रही है। सामाजिक संबंधों में प्रगाढ़ता बनी रही है।

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विश्व प्रसिद्ध धरोहर सौराठ से जुड़ा है मिथिला का विकास

विश्व प्रसिद्ध मैथिल ब्राह्मणों का वैवाहिक निर्धारण स्थल सौराठ सभा की गरिमा से मिथिला का विकास जुड़ा है।सौराठ सभा के विकास की गति तेज करने में मैथिल ब्राह्मणों को एकजुटता के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए अटल भारत फाउंडेशन के एक शिष्टमंडल बिहार के मुख्यमंत्री मंत्री से मिलकर सौराठ के विकास की मांग को रखेंगी। उक्त बातें भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री संदीप ठाकुर ने कहीं।

श्री ठाकुर ने बताया कि सौराठ सभा की पौराणिक गरिमा मिथिला की सांस्कृतिक केंद्र बनाने की अपेक्षाओं को पूरा करता है। विश्व के मानचित्र पर सौराठ सभा की पंजी व्यवस्था को बहाल रखने के लिए पंजी कंप्यूटराइजेशन की पहल समय की मांग बन गई है। सौराठ सभा स्थल पर कई पंजीकार पंजी प्रबंध के लिए सालों भर बैठते है। पंजीकार मैथिल ब्राह्मणों के लंबे वंशावली इतिहास को बनाए रखे हैं।

श्री ठाकुर ने कहा कि सौराठ सभा में वर-कन्या पक्ष की सात पीढि़यों में संबंध की जांच की जाती थी। सभा में विवाह तय होने पर पंजिकार कन्या-वर पक्षों के बीच विवाह तय होने पर ताड़-पत्र पर मिथिलाक्षर में सिद्धांत लिखते थे। सिद्धांत को विवाह की स्वीकृति मानी जाती है। मैथिल ब्राह्मण इसे धार्मिक, वैज्ञानिक व पारंपरिक पद्धति के अनुरूप विवाह निर्धारण करते है। सौराठ सभा में मैथिल ब्राह्मणों के लिए एक सभागृह, माधवेश्वर शिवालय, विशाल धर्मशाला, तालाब का निर्माण कराया गया था। मगर पंजी कंप्यूटराइजेशन के साथ अन्य विकास कार्य की जरूरत है।

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