श्रमदान से बनाया चचरी पुल, नेपाल पैदल आना जाना हुआ आसान

श्रमदान से बनाया चचरी पुल, नेपाल पैदल आना जाना हुआ आसान

सड़क पर पानी चढ़ने से बंद हो गया था नेपाल आवागमन का मार्ग

हरलाखी : प्रखंड अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा पर स्थित हरिणे गांव के युवाओं ने अपने श्रमदान से एक मिसाल कायम की है। युवाओं ने नेपाल आवागमन के मार्ग में निजी श्रमदान से एक चचरी पुल का निर्माण किया है।

इस नेक कार्य में गांव के गुंजन झा, शिवशंकर साहनी, मनोज साहनी, मुकेश दास, मुमताज अंसारी व जुम्मा साफी सहित दर्जनों ग्रामीणों ने अपना योगदान दिया है। इस कार्य से नेपाल पैदल आने जाने की समस्या अब काफी हद तक दूर हो चुकी है। ग्रामीणों के इस कार्य की चारो तरफ सराहना की जा रही है।

गौरतलब है कि एनएच 104 सड़क से हरलाखी व हरिणे होते हुए नेपाल आने-जाने का यह मुख्य मार्ग है। सीमा पर अवस्थित बेलन्योती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से इस मार्ग पर पानी चढ़ जाने के कारण यह मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो चूका था।

सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को अपने आवश्यक कार्यों से पैदल आना-जाना भी मुश्किल हो गया था। इससे दोनों देशों के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। चुकी दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्र के सैकड़ो लोग अपने दैनिक आवश्यक कार्यों से इस मार्ग होकर आना-जाना करते हैं।

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ग्रामीणों के द्वारा चचरी पुल बनाने से अब दोनों देशों के लोग आसानी से पैदल आवागमन कर सकते हैं।

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