लगातार नदी के कटाव के बाद दर्ज नो गांव से सम्पर्क टुटा ,प्रशासन नें अब तक नाव नहीं दिये जाने से परेशान

मधुबनी ; जिला के बेनीपट्टी अनुमंडल क्षेत्रो के अधवारा समूह की धोस, बछराजा एवं थुम्हानी नदी की उफान से प्रखंड क्षेत्र के तीन दर्जन गांव चारो ओर से पानी से घिरा हुआ है। सड़क कटने से गांव का आवागमन अवरुद्ध है। ग्रामीणों द्वारा नाव की मांग की जा रही है। परंतु प्रशासन की नजर में यहां बाढ़ आयी ही नहीं है।

इसे बरसात का पानी कह लोगों की कठिनाईयों से बेखबर हैं।यही नही प्रशासन स्थल निरक्षन करे तो सायद अंदाजा लगाया जा सकता है।मधवापुर के तरैया, साहरघाट दक्षिणी भौव गांछी जैसे गांव बाढ के पानी से कटा हो गया और लोगो का संपर्क टुटता जा रहा है।

सोहरौल पंचायत के पंचायत समिति सदस्य मो सदरे आलम ने सीओ को आवेदन देकर करहरा-विरदीपुर के कटाव स्थल पर नाव की मांग की है। उन्होने आवेदन में लिखा है कि सड़क कटाव से 25 सौ की आबादी का बाजार से संपर्क भंग है। नाव नहीं रहने से दैनिक उपभोग की वस्त जुटाने में परेशानी आ रही है।

बररी गांव के रमेश मिश्र ने एक बररी, एक धनुषी एवं एक बिरदीपुर गांव के लिए नाव की मांग की है। अंचल की सरकारी रिकॉर्ड में बेनीपट़्टी के लिए 22 नाव उपलब्ध होना दिखाया गया है। नाव कहां और किसके जिम्मे है इसकी जानकारी देने में अंचलाधिकारी द्वारा असमर्थता दिखलायी जा रही है।

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