भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र ने बनाया एप, बताएगा कहां घूमने जाने पर मिलेगा सस्ता खाना – The Voice Of Bihar-VOB

भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र एक भरोसेमंद सिफारिश करने वाला एप विकसित कर रहा है, जो आपको मेडिकल, रेस्टोरेंट, कोर्स और टूर करने में मददगार साबित होगा। एप आपको आपके बजट के अनुसार जगह की जानकारी उपलब्ध कराएगा। इस माह के अंत तक कंप्यूटर साइंस विभाग के शिक्षक गोविंद कुमार झा की देखरेख में छात्रों का प्रतिनिधिमंडल एप का प्रोटोटाइप मॉडल पूरा कर लेगा। शिक्षक गोविंद कुमार झा ने कहा कि महंगाई बढ़ने से लोगों का बजट कम हुआ है। ऐसी स्थिति में उन्हें सही मार्गदर्शन मिल जाए तो उन्हें अपने बजट में सारी सुविधाएं मिल जाएंगी।

प्रयोग के तौर पर इसे पहले भागलपुर में शुरू किया जाएगा। इसके लिए छात्रों को डाटा संकलन के लिए लगाया गया है। डाटा संकलन के बाद मशीन लर्निंग के माध्यम से एप को विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के द्वारा भी आर्थिक मदद मिलने की संभावना है। इसलिए उम्मीद है कि स्टार्टअप के रूप में इसके विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा, क्योंकि यह एप धीरे-धीरे आपकी सारी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।

छात्रों ने बताया कि अगर आप एप से पूछेंगे कि मुझे पेट संबंधित समस्या है तो वह आपको संबंधित डॉक्टर की जानकारी देगा। रात में भोजन करना है तो उसके बारे में आपके बजट के अनुरूप सारी जानकारी उपलब्ध कराएगा। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. पुष्पलता ने कहा कि कॉलेज के सारे विभाग अपने छात्रों के साथ मिलकर विभिन्न विषयों पर काम कर रहा है। इसमें बेहतर काम को स्टार्टअप के लिए मदद भी दिलाई जाएगी।

कॉलेज कैंपस में चल रहा छात्रों का स्टार्टअप

दो साल पहले सुरेश विधार्थी और उनकी टीम ने विद्यायन एडुकर्स नाम का एप बनाया था, जिसे कॉलेज ने मदद देकर स्टार्टअप के रूप में तैयार कर लिया। अभी कॉलेज कैंपस में ही इसका कार्यालय चल रहा है। सुरेश विधार्थी और उनकी टीम प्लेसमेंट से लेकर ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन कर रहा है। इससे देश के विभिन्न संस्थानों के इंजीनियरिंग के छात्र जुड़कर लाभ ले रहे हैं।

इंजीनियरिंग कॉलेज में एक दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट स्टार्टअप की दिशा में प्रयास कर रहा है। कॉलेज के शिक्षक इस प्रोजेक्ट पर छात्रों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. पुष्पलता ने बताया कि प्लेसमेंट के साथ-साथ छात्रों को स्टार्टअप से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है, ताकि छात्र अधिक से अधिक रोजगार विकसित करने की दिशा में काम करें। इससे प्लेसमेंट की संख्या में भी इजाफा होगा।





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