चतरा हाट के समीप पांच जगहों पर टूटी विद्यापति कमला उपनहर

गांव की ओर फैलने लगा बाढ़ का पानी, सैंकड़ों घरों में घुसा पानी

पांच हजार की आबादी प्रभावित

कोसी नहर व बछराजा नदी से केसुली में मिलती है कमला उपनहर

बारिश से बढ़े जल स्तर से बढ़ी तबाही, लोग परेशान

बेनीपट्टी : प्रखंड में बुधवार की देर रात और गुरुवार की अहले सुबह हुई मूसलाधार बारिश का असर अब पूर्वी इलाकों पर भी देखने को मिल रहा है. अचानक कोसी नहर और बछराजा नदी के जल स्तर में वृद्धि हो गयी. जिसके कारण पानी का दबाब विद्यापति कमला उपनहर पर बढ़ गया और चतरा हाट के समीप पांच जगहों पर नहर टूट गयी.

जिसके कारण आस-पास के अकुली, चतरा, धकजरी लोहरपट्टी, देपुरा नया टोल सहित कई गांवों में तेज रफ्तार से पानी फैलने लगा. आलम यह था कि गुरुवार की सुबह 11 बजे तक चतरा हाट के समीप से गुजर रही धकजरी अकौर मुख्य सड़क पर 20 फीट चौड़ाई में घुटने भर पानी चलने लगा. आवागमन बाधित सा हो गया.

दूसरी ओर सड़क के अगल बगल के इलाके में चार से पांच फुट ऊंचाई में पानी फैल गया. बताया जा रहा है कि सैंकड़ों घरों में दो से ढाई फुट पानी प्रवेश कर गया. जिसकी चपेट में आकर कई मिट्टी व फूस के बने घर ध्वस्त होने के कगार पर पहुंच गया. उपनहर के टूटने से करीब आस-पास की पांच हजार आबादी प्रभावित है. लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.

बता दें कि इस कमला उपनहर का नामाकरण मैथिल महाकवि विद्यापति के नाम पर होने के कारण इसे विद्यापति कमला उपनहर के नाम से जाना जाता है. बासोपट्टी के सिरियापुर से करही, नगवास, चतरा, सुरजगनार, धकजरी, जरैल, नवटोली होते हुए बरहा गांव तक जाती है. जो केसुली के समीप साहरघाट की ओर गुजर रही कोसी नहर में परस्पर मिल जाती है. डुमरा पूल के समीप बछराजा नदी का तटबंध टूट जाने के कारण बछराजा नदी का पानी भी इस विद्यापति कमला उपनहर में आकर मिल गया. जिससे उपनहर पर पानी का दबाब बढ़ गया और आखिरकार कई जगहों पर उपनहर टूटकर तबाही मचाने लगी.

स्थिति भयावह होते देख ग्रामीणों ने इसकी सूचना अनुमंडल प्रशासन को देकर बचाव की गुहार लगायी. जहां से अधिकारी को भेजकर कर समस्या का यथाशीघ्र निदान कराये जाने का आश्वासन दिया गया.

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उधर आक्रोशित लोगों में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता लोकनाथ झा, निवर्तमान पंसस चुनिया देवी, राहुल राम, पूर्णेन्दु झा, निवर्तमान सरपंच हरिदेव यादव, वार्ड सदस्य भुवन मंडल, मिथिला युवा वाहिनी के गोविंद झा, राम नरेश ठाकुर, कृष्णकांत झा, बेचू मंडल, श्याम यादव व राम प्रवेश यादव सहित अन्य लोगों ने कहा कि ध्वस्त हुई उपनहर को शीघ्र ही मरम्मति नही करायी गयी तो ग्रामीण आंदोलन पर उतरने को बाध्य होंगे.

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