कमला नदी उफान पर ,बाढ का खतरा मंडरा रहा लोगो में खौफ का माहौल

मधुबनी ; जिले के जयनगर अनुमंडल स्थित नेपाल के जल ग्रहण क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से जयनगर में कमला नदी का पानी उफान पर है। कमला नदी का डाउन स्ट्रीम खतरे के निशान को पार कर गया है। गुरुवार की अपरान्ह में नदी खतरे के निशान से 135 सेमी ऊपर बह रही है।
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल 2 के जेई संगम पटेल ने बताया कि सुबह से नदी का जल स्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। वहीं नदी के अप स्ट्रीम में जल स्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है।

एई दीपक कुमार ने बताया कि जल स्तर धीरे धीरे बढ़ रहा है। खतरे का निशान 69. 35 निर्धारित है। तटबन्ध के भीतर नदी के किनारे बसे डोरवाड, छरकी, ब्रम्होतरा, टेढा, खैरामाट गांवों के निचले इलाकों में लोग सतर्क हो गये हैं। बाढ़ की आशंका को ले प्रशासन सतर्क है। वहीं जल संसाधन विभाग के द्वारा तटबन्धों के सुरक्षा को ले मॉनिटरिंग की जा रही है। जयनगर अनुमंडल प्रशासन के द्वारा देर शाम शहरी क्षेत्र में लाउड स्पीकर से लोगों को हिदायत दी गयी है कि वे कमला बैरेज एवं आसपास नहीं जाय क्योंकि नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है और इससे जान माल को खतरा हो सकता है।दुसरी ओर मधेपुर।

प्रखंड क्षेत्र में बारिश होने के बाद भी अभी तक नदियां शांत है। मधेपुर प्रखंड में बाढ़ तब आती है जब कोसी, भुतही बलान, गेहुमां तथा कमला नदी के जलग्रहण क्षेत्रों तथा नेपाल की तराई में बारिश होती है। प्रखंड के कोसी के पश्चिमी एवं पूर्वी तटबंध के बीच दियारा क्षेत्र स्थित कोसी नदी की मुख्य धार में ही अभी पानी भरा है। गढ़गांव, बसीपट्टी, बकुआ, भरगामा पंचायत स्थित कोसी नदी की धार में पानी बढ़ रहा है। अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। सीओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है।

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सीओ ने बताया कि बाढ़ पूर्व तैयारी के तहत 20 ऊंचा शरण स्थल चिन्हित कर लिया गया है। भविष्य में तैयारी के तहत कम्युनिटी किचन के लिए 20 जगह चिन्हित कर लिया गया है। कोसी पश्चिमी तटबंध प्रमंडल निर्मली के कार्यपालक अभियंता सतीश कुमार ने गुरुवार शाम चार बजे कोसी बराज से 1 लाख, 18 हजार 425 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने की जानकारी दी है।

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